रक्षाबंधन पर माता-पिता के पीछे पैदल निकल जाने वाली बालिका को सौंपती पुलिस। पुलिस विभाग
सिंगरामऊ। रक्षाबंधन पर मां को पिता के साथ मायके जाते देख 11 साल की बच्ची भी उनके साथ जाने की जिद करने लगी। साथ नहीं ले गए तो वह बिना बताए उनके पीछे घर से पैदल निकल पड़ी। करीब 18 किलोमीटर चलने के बाद तुर्ककौली गांव के पास हाईवे पर थकान, भूख और प्यास से बेहाल होकर रोने लगी।
गश्त कर रही कोबरा टीम की नजर पड़ी तो पुलिसकर्मियों ने उसे सुरक्षित थाने पहुंचाया। सिंगरामऊ थाने के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार ने बताया कि एनएच-731 पर शुक्रवार की दोपहर करीब 1:50 बजे कांस्टेबल सतीश कसौधन और रजत पांडेय गश्त कर रहे थे। इसी दौरान तुर्ककौली गांव के पास हाइवे किनारे एक बच्ची घबराई और परेशान हालत में दिखाई दी। पुलिसकर्मियों ने पास जाकर पूछताछ की तो वह रोने लगी। सूचना पर महिला कांस्टेबल चांदनी मौके पर पहुंचीं और बच्ची को सुरक्षित थाने ले आईं। पूछताछ में उसने अपना नाम रिया निषाद पुत्री जियालाल निषाद निवासी सोनावां, थाना चांदा, सुल्तानपुर बताया। उसने बताया कि रक्षाबंधन पर उसकी मां मामा को राखी बांधने के लिए पिता के साथ बाइक से बदलापुर जा रही थीं। वह भी उनके साथ जाना चाहती थी, लेकिन उसे साथ नहीं ले जाया गया। इसके बाद वह बिना बताए उनके पीछे घर से पैदल निकल पड़ी। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक बच्ची घर से करीब 18 किलोमीटर चलने के बाद थक गई थी। भूख-प्यास और सुनसान रास्ते पर अकेले होने के डर से वह रोने लगी। इसी दौरान गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों की नजर उस पर पड़ गई। पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर उन्हें थाने बुलाया। पहचान और आवश्यक पूछताछ के बाद बच्ची को सकुशल माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। संवाद