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आजमगढ़ के एक महाविद्यालय का कारनामा, बिना संबद्धता के ही लिया प्रवेश और परीक्षा भी करा दी, ऐसे खुली पोल

Sat, 21 Nov 2020 09:06 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
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पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर। - फोटो : अमर उजाला
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जौनपुर जिले के पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध एक और कॉलेज में बिना अनुमति के ही छात्रों का दाखिला लिया और उनकी स्नातकोत्तर की परीक्षा भी करा दी। मामला उजागर होने पर विश्वविद्यालय ने परीक्षाफल रोक दिया है।

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आजमगढ़ के जयप्रकाश महाविद्यालय, फतुही ने गृह विज्ञान और समाजशास्त्र के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में मनमाने ढंग से 20-20 अभ्यर्थियों का दाखिला कर लिया। संबद्धता और पाठ्यक्रम का मानक पूरा किए बिना ही इनकी परीक्षाएं भी करा दी। कॉलेजों में किसी भी पाठ्यक्रम का संचालन शिक्षक, लाइब्रेरी, कक्षा इत्यादि के मानकों को पूरा करने के बाद संबद्धता दी जाती है।  

बिना संबद्धता के पाठ्यक्रम का संचालन नहीं किया जा सकता है। विवि के परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह ने बताया कि जयप्रकाश महाविद्यालय ने बिना संबद्धता के ही गृह विज्ञान और समाजशास्त्र में प्रवेश लिया और परीक्षा करा दी। ऐसे में परीक्षाफल रोक दिया गया है। साथ ही महाविद्यालय को नोटिस दिया गया है। 
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22 बीएड कॉलेजों के 105 परीक्षार्थियों के नतीजे रोके
बिना संबद्धता के ही पाठ्यक्रम संचालन का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले विश्वविद्यालय से संबद्ध 22 बीएड कॉलेजों में बिना मानक के ही 135 छात्रों का दाखिला ले लिया गया। इसमें से 105 छात्रों का रिजल्ट रोका गया है। रिजल्ट रुकने के बाद छात्र और कॉलेज प्रशासन विवि का चक्कर लगा रहे हैं।
 

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इसके अलावा गाजीपुर के विमला यादव महाविद्यालय भीतरी ने बीएड सत्र 2019-20 में बिना अनुमति लिए ही 33 छात्रों का दाखिला ले लिया था। छात्रों की परीक्षा भी करा दी। उनका रिजल्ट भी घोषित हो गया। सात नवंबर को परीक्षा समिति ने कॉलेज पर 50 हजार रुपये अर्थदंड लगा कर मामला शांत कर दिया।

कर्मचारियों की मिलीभगत से मनमानी कर रहे कॉलेज संचालक
संबद्धता के मानक पूरा किए बिना ही पाठ्यक्रम संचालन के मामले में विवि के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक प्रभावशाली पदों पर बैठे कर्मचारियों की सह पर कॉलेज संचालक ऐसे काम करते हैं और बाद में वह हस्तक्षेप कर मामले की लीपापोती में लग जाते हैं। ऐसे में ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती।
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