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सफाई सामग्रियों के नाम पर हुआ करोड़ाें का गोलमाल

Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
Jaunpur
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जौनपुर। पंचायत राज विभाग को घोटाले की जांच के लिए भी शिकायत चाहिए। शिकायत बिना कोई पड़ताल नहीं होगी। सफाई सामग्री के नाम पर जिले में करोड़ों का गोलमाल हो गया है। सफाई कहीं नहीं हो रही है लेकिन सफाई के सामान लगातार क्रय हो रहे हैं। अमर उजाला के खुलासे के बाद भी अफसर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। दलील दी जा रही है कि गड़बड़ी पूरे जिले में है। जांच जिले भर की नहीं की जा सकती। इसलिए जरूरी है कि किसी गांव के लिए कोई शिकायत करे फिर की जाएगी जांच।
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दरअसल सफाई के लिए फावड़ा, ठेला, झाड़ू, टोकरी के अलावा तौलिया, फिनायल, साबुन सहित अन्य सामग्री सफाई कर्मचारियों को देने की व्यवस्था है। इसके लिए प्रति सफाईकर्मी हर महीने 950 रुपये जारी होता है। यह पैसा ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से निकलता है। किसी भी गांव में सफाई नहीं हो रही और सामान लगातार क्रय हो रहे हैं। सफाई की स्थिति पर कई बार जन प्रतिनिधि भी सवाल उठा चुके हैं। सूत्रों की मानें तो ग्राम प्रधान और वीडीओ पैसा निकालते जरूरत हैं लेकिन इसमें उच्चाधिकारियों की हिस्सेदारी होती है। इसके चलते खास दबाव भी नहीं बनता है। ड्यूटी नहीं करने से सफाई कर्मचारी भी दखलंदाजी नहीं करते हैं। इस तरह कर्मचारियों की नियुक्ति होने के बाद से अब तक करोड़ों रुपये का गोलमाल हो चुका है। दिलचस्प यह कि दस दिन पहले तक जांच का ढिढोरा पीटने वाले अफसरों का मामले का खुलासा होते ही राग बदल गया। अब दलील दी जा रही है कि दिक्कत पूरे जिले की है। एक साथ जांच करा पाना मुश्किल है। इससे व्यवस्था ही डगमगा जाएगी। पंचायत राज अधिकारी जगदीश यादव ने कहा कि जिले भर की जांच करा पाना मुश्किल है। किसी एक स्थान की कोई शिकायत करे तो जांच कराई जा सकती है।
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