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ज्योतिषी हत्याकांड ः फोन काल डिटेल पर टिकी जांच

Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
Jaunpur
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सुइथाकला। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, वैसे-वैसे ऊंचगांव में पुलिस की हलचल भी खत्म हो रही है। सोमवार को गांव में तैनात सिपाहियों के अलावा कोई पुलिस अधिकारी नहीं पहुंचा। एसटीएफ के लोग थाने के आसपास जरूर देखे गए लेकिन हलचल कमजोर पड़ती दिख रही है। हालांकि दलील दी जा रही है कि मुकम्मल तैयारी के बाद ही एसटीएफ आरोपियों पर हाथ डालेगी। जब तक पुख्ता सुबूत नहीं मिल जाते तब तक एसटीएफ किसी को टच नहीं करेगी। इसी फार्मूले पर एसटीएफ काम भी कर रही है। वहीं स्थानीय पुलिस सिर्फ जांच के इनपुट ही मुहैया करा रही है। कभी किसी का फोन नंबर तो कभी किसी के घर का पता ही जांच एजेंसियों को मुहैया करा रही है। लोकल पुलिस को इस बात की भनक भी नहीं लग पा रही है कि एसटीएफ कहां क्या कर रही है। वहीं एसटीएफ के एसपी अमित पाठक भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। कहते हैं कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। जांच चल रही है। उम्मीद कीजिए जल्दी ही रिजल्ट आएगा।
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15 नवंबर की सुबह ऊंचगांव में ज्योतिषाचार्य शिक्षक डा. रमेश तिवारी उर्फ गुरुजी की हत्या की जांच अभी घिसट ही रही है। एसटीएफ के एसपी खुद घटना की जांच की निगरानी कर रहे है। वाराणसी और गोरखपुर की एसटीएफ घटना से जुड़े पहलुओं की कड़ी निगरानी कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूरी जांच मोबाइल काल डिटेल पर ही टिकी हुई है। एसटीएफ इलेक्ट्रानिक्स सर्विलांस के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पंद्रह नवंबर की सुबह सुइथाकला इलाके से किन-किन नंबरों पर और किसने-किसने बात की। मोबाइल टावरों के जरिए मोबाइल फोन की सटीक लोकेशन का भी अध्ययन चल रहा है। इसी आधार पर कम से कम यह तो साफ हो ही जाएगा कि ऊंचगांव से गुरुजी की पोजीशन की मुखबिरी किसने की। यह भी साफ है कि बगैर सटीक मुखबिरी के घटना को अंजाम दे पाना मुश्किल है। पूरी जांच फिलहाल मोबाइल काल डिटेल पर ही टिकी हुई है। हर फोन का अध्ययन चल रहा है। रमेश तिवारी के परिजनों से अब तक हुई पूछताछ के आधार पर सभी संदिग्धों के फोन काल डिटेल जुटाए जा चुके हैं। फोन काल से हत्या की कड़ियां जोड़ने तथा हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। एसटीएफ ने अस्पताल में भर्ती गुरुजी के बड़े भाई राजेश तिवारी से भी बातचीत की है। इस नाते कि वह घटना के चश्मदीद है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी करने के बाद ही अपराधियों पर एसटीएफ हाथ डालेगी। जब तक पुख्ता सुबूत नहीं जुट जाते तब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं होगी। इस बीच मामले की विवेचना सरपतहां पुलिस के बजाय चंदवक थानेदार प्रशांत श्रीवास्तव को सौंप दी गई। प्रशांत एसओजी टीम लीडर रह चुके हैं और सर्विलांस के मास्टर बताए जाते हैं।


परिजनों से मिली विधायक सीमा द्विवेदी
सुइथाकला। मुंगराबादशाहपुर की विधायक सीमा द्विवेदी ने सोमवार को परिजनों से मुलाकात कर इस दुख की घड़ी में ढांढस बधाया। विधायक ने कहा कि जौनपुर ही नहीं पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है। कोई भी तो सुरक्षित नहीं है। इसके अलावा महाराष्ट्र के उद्योगपति विमलेश सिंह तथा राम आशीष जाधव भी गुरुजी के घर पहुंचे। घटना वाले दिन से ही श्रद्धांजलि देने पहुंचने वालों का तांता लगा हुआ है।
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