जौनपुर। धनतेरस पर बाजार ने लंबी छलांग लगाई। बाजार के रुख से देखें तो महंगाई का सिर्फ हल्ला मच रहा। कारोबारी बताते हैं कि महंगाई जरूर है लेकिन लोगों ने जरुरत में कोई कटौती नहीं की। मार्केट की चाल ने महंगाई को किनारे कर दिया। शाम को बाजार से गुजरना मुश्किल हो रहा था। पैदल चल रहे लोगों के भी झोले ठसाठस भरे थे। बर्तन, ऑटोमोबाइल्स, सराफा मार्केट, इलेक्ट्रानिक्स मार्केट ने लगभग 300 करोड़ का कारोबार किया। रिपोर्ट के मुताबिक कीर्तिकुंज मारुति ऑटोमोबाइल्स ने 73 कारें तो हुंडई मोटर्स ने 21 कारें धनतेरस पर बेंची। हीरो मोटोकार्प ने अकेले 850 बाइक बेचकर करीब 500 लाख का कारोबार एक दिन में किया। बजाज की भी पौने तीन सौ बाइकें बिकीं। बर्तन कारोबारियों ने भी करीब 3 करोड़ का कारोबार किया। सराफा कारोबार की हिस्सेदारी 80 करोड़ के आसपास रही। बाजार ने कई वर्षों का रिकार्ड तोड़ा। रात दस बजे तक खरीदारी और बिक्री का दौर रहा। कीर्ति कुंज आटोमोबाइल्स एंड ज्वैलर्स के एमडी नन्हें लाल वर्मा के अनुसार, बाजार में यह तेजी आगे भी बने रहने का अनुमान है। बाजार ने पिछले पांच वर्ष के रिकार्ड तोड़ दिए। नतीजतन शुद्ध सोने का भाव 32450 रुपये दस ग्राम पहुंच गया। दस फीसदी लोग ही चांदी के सिक्कों या फिर जेवर के लिए आए। 90 फीसदी लोगों ने निवेश के लिहाज से खरीददारी की।
शहर में पालीटेकिभनक चौराहा, ओलंदगंज, चहारसू, कोतवाली, स्टेशन रोड सिपाह में भारी भीड़ देखी गई। कारोबारियों ने सड़क तक अपने उत्पादों को आर्कषक ढंग से सजा रखा था। बर्तन कारोबारियों ने अपनी दुकान में बाहर तखत रख कर बर्तन सजाए थे। सुबह से ही ग्राहकों का आना-जाना शुरू हो गया था। बर्तन से लेकर कार, कपड़े, सराफा मंडी, आटोमोबाइल्स सेक्टर में बूम देखी गई। बाजार में कहीं से निराशा नहीं देखी गई। कारोबारी जिले के लोगों की जेब से पैसा निकालने में कामयाब रहे। स्थिति यह रही कि बाजार पहुंचने वाले हर व्यक्ति ने औसतन पांच हजार रुपये जेब से निकाले। इससे नीचे वाले बाजार जाने के बजाय चौराहे की दुकान से कटोरी चम्मच से ही काम चलाया। ऐसे लोगों को बाजार अपने में शामिल नहीं करता है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई त्योहार लोगों की भावना से जुड़ा होता है। घर के मुखिया पर परिवार समाज का भी दबाव होता है। न चाहते हुए भी वह त्योहारों को बेहतर तरीके से सेलीब्रेट करता है। घर का दबाव ज्यादा होता है। बच्चों, पत्नी तथा अपने लोगों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए त्योहार का जश्न मनाता है। यही वजह है कि बाजार में तेजी बनी हुई है। यह तेजी आगे भी बनी रहने की संभावना है। इस नाते भी कि बाजार में तरलता बनी हुई है। रुपये के मूल्य कमजोर होने के नाते जहां दो रुपये में काम चल जाता था वहीं दस रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
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पीली धातु के मुरीद हुए लोग
तीज, करवा चौथ और अक्षय तृतीया की तरह धनतेरस भी सोने, चांदी की खरीदारी के लिए जाना जाता है। धनतेरस पर पीले धातु की खरीदारी पर जोर रहा। सुबह सोने का भाव कमजोर था लेकिन शाम तक बाजार ने रफ्तार पकड़ ली। चांदी के सिक्के, सोने की अंगूठी, टाप्स और चेन की बिक्री खूब हुई। निवेश के लिहाज से भी ज्यादा कारोबार हुआ। ब्रांडेड सोने के कारोबार ने तेजी दिखाई। जेवरात की भी बिक्री हुई और निवेश के लिहाज से भी सोने के कारोबार में तेजी रही।
अधिष्ठाता विश्वनाथ प्रसाद, छगनलाल सेठ ज्वैलर्स शोरूम के विमल सेठ के अनुसार, इस बार धनतेरस पर ब्रांडेड ज्वैलरी ने बंपर कारोबार किया। पूरे दिन मेला लगा रहा। हॉलमार्क और बीआईएस मार्क ज्वैलरी में लोगों ने ज्यादा निवेश किया। वैसे भी धनतेरस निवेश का मौका होता है, ऐसे मौकों को लोग कैश कराने की कोशिश जरूर करते हैं।
बालाजी ज्वैलर्स के अजय सेठ विक्की के मुताबिक, बाजार ने उम्मीद से बेहतर कारोबार किया। स्थानीय ज्वैलरी की डिमांड भी रही लेकिन पीली धातु का कारोबार निवेश के लिहाज से ज्यादा हुआ। ब्रांडेड ज्वैलरी में लोगों ने खूब पैसा लगाया। फुटकर कारोबार भी खूब हुआ। पिछले वर्षों के मुकाबले बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया।
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बर्तन दुकानों पर उमड़ी ग्राहकों की भीड़
जौनपुर। धनतेरस पर बर्तन दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी गई। बर्तनों में स्टील के बर्तनों की डिमांड अधिक रही। स्टील और एल्युमीनियम के बर्तन बनारस, इलाहाबाद, कानपुर और पीतल के बर्तन मुरादाबाद और मिर्जापुर से मंगाए जाते हैं। स्टील की प्लेट 600 से 700 रुपये किलो, स्टील के ड्रम, बाल्टी 300 से 400 रुपये किलो, गिलास, कटोरी 350 से 500 किलो, पीतल के बर्तन 700 से 800 रुपये किलो और एल्युमीनियम के बर्तन 450 से 600 रुपये किलो की दर से बिके। क्वालिटी और डिजाइन के हिसाब से रेट अलग-अलग थे। देवता इलेक्ट्रानिक्स के अधिष्ठाता सुधीर सिंह के अनुसार, इस बार धनतेरस पर इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों का मार्केट भी बेहतर रहा। फ्रीज, वाशिंग मशीन, लैपटाप, और कैमरे का कारोबार ज्यादा रहा। हालत यह रही कि शाम तक कैमरे और लैपटाप शोरूम में बचे ही नहीं। एलसीडी, एलईडी के साथ टेलीविजन ने भी बेहतर कारोबार किया।
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लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों ने मोहा मन
जौनपुर। बर्तन और आभूषण के साथ लोगों ने लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां भी खरीदीं। बाजार में उपलब्ध लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों ने लोगों का मन मोह लिया। बाजार में 10 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की मूर्तियां उपलब्ध हैं। कच्ची मिट्टी से बनी मूर्तियां प्लास्टर आफ पेरिस की मूर्तियों से महंगी हैं। प्लास्टर आफ पेरिस से बनी मूर्तियां 50 से 300 तक बिक रही हैं। कच्ची मिट्टी की मूर्तियां तीन सौ से पांच सौ के बीच बिकी। वहीं फाइबर की मूर्तियों के रेट 300 से एक हजार तक में हैं। फाइबर की इन मूर्तियों में बिजली के झालरों से भी डेकोरेशन की गई है। मूर्तियों के कारोबारी विशाल बताते हैं कि कच्ची मिट्टी की मूर्तियां धार्मिक लिहाज से शुद्ध होती हैं। इस नाते इनके रेट भी ज्यादा हैं। दूसरा मिट्टी की मूर्ति तैयार करने में समय और पैसा ज्यादा लगता है। कच्ची मिट्टी के मुकाबले प्लास्टर आफ पेरिस की मूर्तियां सस्ती पड़ती हैं।
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आटोमोबाइल्स सेक्टर ने तोड़े सारे रिकार्ड
जौनपुर । धनतेरस पर आटोमोबाइल्स सेक्टर ने इस बार पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए। सराफा कारोबार की तरह मोटर सेक्टर ने भी बड़ी छलांग लगाई। कीर्ति कुंज आटो मोबाइल्स ने रिकार्ड 73 मारुति कारें बेंची। पिछले वर्ष के मुकाबले 210 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई।
हीरो मोटोकार्प के स्थानीय शोरूम के जीएम एसपी शुक्ला के अनुसार, इस बार धनतेरस पर 200 फीसदी से अधिक की मार्केट ने ग्रोथ दर्ज की। हीरो सीरीज की रिकार्ड 850 बाइकें बेची गईं। इतना बड़ा कारोबार पहले कभी नहीं हुआ। मार्केट पर महंगाई का कोई असर नहीं दिख रहा है। इससे लगता है कि जौनपुर तरक्की कर रहा है। लोग दिल खोलकर पैसा खर्च कर रहे हैं।
हुंडई मोटर्स शोरूम के एमडी मनोज कुमार के अनुसार, धनतेरस पर हुंडई मोटर्स ने भी रिकार्ड 21 कारें बेची। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 50 फीसदी अधिक है। मार्केट लगातार बढ़ रही है। एक दिन में 21 कारों की बुकिंग बड़ी बात है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। आने वाले दिन भी सुनहरे दिख रहे हैं।
बजाज वुडलैंड शोरूम के एमडी अरुण सिंह के मुताबिक, इस बार बाजार में रिकार्ड तेजी दर्ज की गई। ऐसी उम्मीद पहले नहीं लगाई गई थी। रविवार का दिन, लोगों की जरुरत और धनतेरस का मौका लोगों ने अच्छी तरह सेलीब्रेट किया। लोग भी बमबम हैं और बाजार भी बूम पर है। बजाज सीरीज की 275 मोटरसाइकिलें बिकीं।