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लाखों की दवा के साथ झोलाछाप चिकित्सक बंदी

Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
Jaunpur
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थानागद्दी/केराकत। थानागद्दी बाजार में बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर चला रहे झोलाछाप चिकित्सक को ड्रग इंस्पेक्टर की छापेमारी में गिरफ्तार कर लिया गया। दुकान से करीब चार लाख की नकली, प्रतिबंधित दवाओं के साथ आला और इस्तेमाल हुआ सिरिंज बरामद हुआ है। कुछ दवाएं ऐसी हैं जिसे बनाने वाली कंपनी कई वर्ष पहले ही बंद हो चुकी है। डाक्टर होने का दावा करने वाले मेडिकल स्टोर संचालक ने रतनूपुर बाजार में बच्चों का अस्पताल भी खोल रखा है।
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ड्रग इंस्पेक्टर नरेश मोहन दीपक को सूचना मिली थी कि थानागद्दी बाजार में आशीष मेडिकल स्टोर बिना लाइसेंस के चलाया जा रहा है। गुरुवार दिन में करीब तीन बजे ड्रग इंस्पेक्टर नरेश मोहन दीपक ने आशीष मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। दुकान पर मौजूद थानागद्दी निवासी मेडिकल स्टोर संचालक कृष्ण कुमार मौर्या पुत्र जगदीश मौर्या से ड्रग इंस्पेक्टर ने लाइसेंस दिखाने को कहा तो वह उलझ गया और कहासुनी शुरू कर दी। कुछ देर बाद खुद को फंसता देख उसने स्वीकार किया कि वह सिर्फ बीए पास है और बिना लाइसेंस के दवा बेच रहा था। यह भी बताया कि रतनूपुर बाजार में उसने बच्चों का एक अस्पताल खोल रखा है। खुद इलाज भी करता है। ड्रग इस्पेक्टर के मुताबिक तलाशी में मेडिकल स्टोर से भारी मात्रा में नकली और प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई। डाइक्लो पीजेड दवा बरामद हुई जबकि इसे बनाने वाली कंपनी कई वर्ष पहले ही बंद हो चुकी है। दूध धारा नाम से नकली दूध पाउडर भी मिला। मेडिकल स्टोर पर टंगे एक झोले से आला और इस्तेमाल की गई सिरिंज भी मिली। मेडिकल स्टोर पांच और अस्पताल तीन वर्ष पुराना बताया गया। ड्रग इंस्पेक्टर की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस कृष्ण कुमार मौर्य को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई। ड्रग इंस्पेक्टर की तहरीर पर कृष्ण कुमार मौर्य के खिलाफ धारा 275, 419, 420 आईपीसी, 15(2)/15(3) मेडिकल काउंसिल एक्ट और औषधि प्रसाधन अधिनियम 1940 की धारा 18/27 के साथ आईपीसी की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
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