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बच्चों को पका-पकाया भोजन देने की योजना फुस्स

Sat, 07 Jun 2014 05:31 AM IST
Jaunpur
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मीरगंज। बाल विकास परियोजना विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पका पकाया भोजन देने की योजना पहले हफ्ते में ही फुस्स हो गई है। क्षेत्र के अधिकतर केंद्रों पर भोजन नहीं पहुंच पा रहा है। जहां कहीं पहुंचाया भी जा रहा है तो वहां पैकिंग की बजाए खुले बर्तनों में भोजन की सप्लाई की जा रही है।
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बता दें कि पिछले कुछ वर्षों से आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ताओं की ओर से भोजन नहीं दिए जाने की शिकायत पर सरकार ने यह कार्यक्रम एनजीओ के जिम्मे सौंप दिया। पिछले दो जून से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर फिर से पका-पकाया भोजन देने की योजना शुरू हुई। लेकिन, सभी केंद्रों पर पका पकाया भोजन समुचित ढंग से नहीं पहुंच पा रहा है। उल्लेखनीय है कि मछलीशहर ब्लाक में कुल 273 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। जिन पर एनजीओ को पका पकाया भोजन समय से पहुंचाना है। गोधना और मीरगंज क्षेत्र की कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि भोजन एक ही डिब्बे में भरकर जगह-जगह परोसा जा रहा है। भोजन पैकिंग में नहीं बांटे जाने के कारण संक्रमण का खतरा है। आरोप है कि कहीं एक किलो तो कहीं आधा किलो ही भोजन पहुंचाया जा रहा है। इस भोजन से बच्चों को बीमार होने की आशंका है। कहा जा रहा है कि भीषण गर्मी में सुबह बना भोजन दोपहर बाद तक केंद्रों पर पहुंचाया जा रहा है। इससे बच्चों के बीमार होने की आशंका है। इस संदर्भ में मछलीशहर की बाल विकास परियोजना अधिकारी शकुंतला पांडेय ने कहा कि यह शिकायत मिली है कि सभी केंद्रों पर भोजन समय से नहीं पहुंच पा रहा है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दी गई है। पता चला कि मछलीशहर के 100 से अधिक केंद्रों भोजन नहीं पहुंच पा रहा है। इसका निरीक्षण का खामियां दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
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