बरसठी। घनापुर गांव में एक महिला को ठगी का शिकार बना उसके पैसे और गहने लेकर भाग रही महिलाओं को ग्रामीणों ने पकड़कर पिटाई कर दी। इसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। गुरुवार को चार महिलाएं गांव में घुसी थीं और एक महिला को नशीला पदार्थ सुंघाकर उसके पैसे और जेवर लेकर भागने लगीं। पड़ोसी महिला ने देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुन ग्रामीणों ने भाग रही महिलाओं में से दो को पकड़ लिया।
गांव में चार महिलाएं गुरुवार की दोपहर भीख मांगने के लिए घुसी। गांव के कई घरों में भीख मांगने के बाद रामबृज सरोज के घर चारों महिलाएं भीख मांगने पहुंच गईं। बाहर से आवाज देने पर कोई नहीं आया तो भीतर घुस गईं। अंदर रामबृज की पत्नी शेषा देवी कुछ कार्य कर रही थीं। ठग महिलाओं ने शेषा देवी के पास बैठकर सुस्ताने का नाटक शुरू कर दिया। कुछ देर बाद शेषा देवी भीख लाने के लिए अपने कमरे में चली गईं। अनाज लेकर लौटी तो चारों ने उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया। उसके बाद ठगों ने उनकी पायल, सोने की चेन, कानफूल, नाक की फोफी और घर के सामान लेकर चंपत हो गईं। थोड़ी देर बाद पड़ोसी सीतादेवी शेषा के घर पहुंचीं तो उसे अचेतावस्था में देख चिल्लाने लगी। आसपास के लोग जुटे तो माजरा समझते ही ग्रामीणों ने लाठी-डंडा लेकर ठग महिलाओं को तलाश करना शुरू कर दिया, थोड़ी दूर पर ही सभी मिल गईं। ग्रामीणों ने उनमें से दो को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने उनको पीटना शुरु किया तो ठगों ने पायल समेत कुछ सामान वापस दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों को थाने ले आई। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम संगीता एवं सरस्वती निवासी महमदपुर पट्टीहुलास नट बस्ती बताया। फरार दोनों महिलाओं की पहचान रामपुर थानाक्षेत्र के बनीडीह के रूप में हुई। शेषादेवी का इलाज पीएचसी पर कराया गया। एसओ महेंद्र यादव ने बताया कि इन महिलाओं का एक गिरोह है, जो ऐसी घटनाओं को अंजाम देता है।