नौली गांव में गूजर ताल के समीप बने नए अग्निशमन केंद्र का संचालन तीन माह पहले शुरू करा दिया गया, लेकिन सड़क समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव मुश्किलों का सबब बना है। शाहगंज जैसे बड़े तहसील क्षेत्र के लिए आग बुझाने वाले वाहन और स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। क्षेत्र में 76 पूजा पंडाल लगाए गए हैं। ऐसे में कोई हादसा होता है तो परेशानी बढ़ सकती है। पूजा पंडालों में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका बनी रहती है।
खेतासराय-खुटहन मुख्य मार्ग पर नौली ग्रामसभा के गूजरताल के समीप दो यूनिट के अग्निशमन केंद्र का शिलान्यास अगस्त 2021 में खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गिरीशचंद्र यादव ने किया था। नौ करोड़ 86 लाख 83 हजार की लागत से अग्निशमन केंद्र की बिल्डिंग तैयार होने के बाद जुलाई में संचालन शुरू करा दिया गया है। वर्तमान में अग्निशमन केंद्र पर सिर्फ एक छोटे अग्निशमन वाहन की व्यवस्था है। इसके अलावा एक लीडिंग फायरमैन, पांच फायर मैन, एक फायर मैन चालक की तैनाती की गई है। सरायख्वाजा से सुइथाकलां तक फैली शाहगंज तहसील में अग्निशमन यह व्यवस्था आग बुझाने के लिए कम है। इसके लिए कम से कम दो छोटे और दो बड़े अग्निशमन वाहन की जरूरत है। स्टाफ भी वर्तमान से तीन गुना होना चाहिए। अग्निशमन केंद्र तक पक्की सड़क की व्यवस्था नहीं है। खेतासराय-खुटहन मार्ग से अग्निशमन केंद्र जाने के लिए बना रास्ता पतला और कई स्थानों पर टूटा हुआ है। इससे यहां आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाहगंज तहसील में कुल 76 पूजा पंडाल लगाए गए हैं। यदि यहां आग से संबंधित कोई अनहोनी होती है तो बचाव के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है। केंद्र प्रभारी राम प्रकाश ने बताया कि अग्निशमन विभाग की टीम क्षेत्र के पूजा पंडालों पर कमेटी को आग से बचाव के लिए जागरूक कर रही है।