जौनपुर। ग्राम पंचायतों में स्थित पुराने और जर्जर पंचायत भवनों का अब कायाकल्प किया जाएगा। ऐसे भवनों की मरम्मत कराकर उन्हें प्रयोग में लाया जाएगा। इसके लिए जिले में 75 जर्जर पंचायत भवनों को चिह्नित कर सूची शासन को भेज दी गई है। बजट आवांटित होने पर प्रति पंचायत भवन में 18 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
गांव के लोगों को आय, जाति या अन्य प्रमाणपत्र बनवाने के लिए तहसील या जिला मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए शासन ने हर ग्राम पंचायत में पंचायत भवन का निर्माण कराया है। इसमें पंचायत सहायक भी नियुक्त किए गए हैं। बीते दिनों पंचायती राज विभाग की ओर से पुराने पंचायत भवनों का सर्वे कराया गया था, जिसमें से 75 ऐसे पंचायत भवन मिले हैं जो जर्जर हो गए हैं। ये कभी भी धराशायी हो सकते हैं। इन जर्जर पंचायत भवनों को कायाकल्प के लिए शासन को सूची भेज दी गई है। बजट आवंटन होने पर इन भवनों को नए तरीके से बनाया जाएगा। जिसमें लेखपाल, सचिव, पंचायत सचिव के बैठने के लिए अलग कमरे की व्यवस्था की जाएगी। एक पंचायत भवन में कुल आठ कमरे बनाए जाएंगे।
इन जगहों पर हैं जर्जर पंचायत भवन
विकास खंड सिकरारा में नौ, डोभी में तीन, सिरकोनी में दो, धर्मापुर में तीन, केराकत में चार, मुफ्तीगंज में चार, बक्शा ब्लॉक में नौ, मडियाहूं दो, बरसठी में पांच, रामनगर में 13, रामपुर में नौ, मुंगराबादशाहपुर में पांच, खुटहन में चार, सुइथाकला में तीन जर्जर भवन का कायाकल्प किया जाएगा।
जिले में 75 जर्जर पंचायत भवन हैं, जिनका सर्वे कर सूची शासन स्तर पर भेज दी गई है। हालांकि यहां किराए के भवन में मिनी सचिवालय चलाया जा रहा है। बजट आवांटित होने पर इन जर्जर पंचायत भवनों का नए तरीके निर्माण कार्य कराया जाएगा। प्रति पंचायत भवन में करीब 18 लाख खर्च किए जाएंगे।
- नत्थूलाल, जिला पंचायत राज अधिकारी।