जौनपुर लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है। ऐसे में मतदाता जनप्रतिनिधियों के चुनाव के लिए उनके द्वारा किए गए विकास कार्यो का आंकलन करने लगे हैं। शिक्षक चाहते हैं कि चुनाव में ऐसे सांसद को वोट करें जो शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ बिना किसी भेदभाव के विकास को प्राथमिकता दे। जनता के प्रति सांसद संवेदनशील हो।
बयालसी महाविद्यालय के प्राचार्य डा. प्रमोद कुमार सिंह का कहना है कि हमारा सांसद मिलनसार, चरित्रवान, न्याय प्रिय तथा जनहित में कार्य करने वाला होना चाहिए। जो बिना किसी भेदभाव जनता के दर्द को समझे। जाति, मजहब से परे हटकर कार्य करने वाला हो। समाजसेवा के मकसद से वो राजनीति में आया हो न कि व्यक्तिगत स्वार्थो की पूर्ति के लिए। शिक्षा, स्वास्थ्य की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराने के प्रति समर्पित हो।
बयालसी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा. शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सांसद ईमांदार एवं जन समस्याओं को सुनने और उसका निस्तारण कराने वाला होना चाहिए। क्षेत्र की जनता का जातिधर्म की भावनाओं से हटकर मदद करना, अपने क्षेत्र के शिक्षा स्तर को भी बेहतर बनाने के लिए प्रयास करना उसकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
डा. प्रतिभा सिंह का कहना है कि सांसद ऐसा चाहिए जनता की समस्याओं के प्रति जागरूक हो और उसका निस्तारण करने के लिए कटिबद्ध हो। जनता के समस्याओं का निस्तारण कराना उसकी प्राथमिकता होनी चाहिए। कई बार तो ऐसा होता है कि सांसद चुने जाने के प्रतिनिधि जनता की परेशानियों का पत्रक ले तो लेते हैं लेकिन उसे कूड़ेदान में फेंक देते हैं।
बयालसी पीजी कालेज की शिक्षक डा. अलकेश्वरी सिंह का कहना है कि हमारा सांसद नेक, चरित्रवान, न्याय प्रिय, जनहित में कार्य करने वाला होना चाहिए। कर्तव्यनिष्ठ एवं दृढ़ निश्चयी होना चाहिए। जो समाज के निचले स्तर तक के लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पहल करे।