जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी कालेजों की मनमानी से सत्र 2018-19 की मुख्य परीक्षा के लिए केंद्रों का निर्धारण नहीं हो सका है। विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू हो रही हैं। विश्वविद्यालय से पांच जिलों के आठ सौ से अधिक कालेज संबद्ध हैं। परीक्षा में पारदर्शिता के लिए शासन ने कालेजों को 15 बिंदुओं का मानक पूरा करने का निर्देश दिया है। शासनादेश है कि जो कालेज सीसी टीवी कैमरा के साथ वायस रिकार्डर, पेयजल, बाउंड्रीवाल, अग्निशमन यंत्र समेत 15 बिंदुओं का मानक पूरा नहीं करते, उन्हें परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। लेकिन 76 कालेजों ने मानक पूरा करने का शपथ पत्र नहीं दिया। जिसके कारण परीक्षा केंद्रों का निर्धारण नहीं हो पाया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शासन के निर्देश से सभी कालेजों को अवगत करा दिया था। कालेजों को निर्देश दिया था कि वह शासन के मानक को पूरा कर विश्वविद्यालय को शपथ पत्र उपलब्ध कराएं। विश्वविद्यालय से जुड़े 600 कालेजों ने शासन के मानक को पूरा करने का शपथ पत्र मुहैया करा दिया। सत्र 2017-18 की मुख्य परीक्षा में कुल 676 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिसमें से 600 कालेजों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। लेकिन अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि परीक्षा केंद्रों की संख्या कैसे पूरी होगी। अभी तक यही माना जा रहा था कि विगत वर्ष जिन कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, उन्हें ही इस बार भी केंद्र बनाया जाएगा। कुलसचिव सुजीत जायसवाल का कहना है कि मानक पूरा नहीं करने वाले कालेजों को परीक्षा केेंद्र नहीं बनाया जाएगा।