जौनपुर। जिले में 4821 आंगनबाड़ी केंद्रों का अपना भवन नहीं है। इन केंद्रों का संचालन प्राइमरी स्कूलों, पंचायत भवनों और एएनएम सेंटरों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर होता है। इससे तीन से छह वर्ष तक के बच्चों खेल खेल में प्री एजूकेशन नहीं मिल पा रहा है। वहीं, धात्री महिलाओं को उचित सलाह भी नहीं मिल पा रही है। हालांकि, इस साल 196 आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण किया जाना है। इसके लिए लगभग कुल 15 करोड़ 79 लाख 76 हजार रुपये भी प्राप्त हो गया है। इसका निर्माण शीघ्र शुरू हो जाएगा।
जिले के तीन से छह वर्ष के बच्चों को खेलखेल में प्री शिक्षा देने और धात्री महिलाओं को उचित सलाह देने आदि के उद्देश्य से जिले में कुल 5321 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। इन केंद्रों के विधिवत संचालन के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रखी गई हैं। इनके द्वारा बच्चों को शिक्षित करने और धात्री महिलाओं की देखभाल करने के साथ ही पुष्टाहार का वितरण करने का कार्य किया जाता है लेकिन इसका लाभ अधिकांश का गांवों के बच्चों और धात्री महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है। कारण कि 4821 आंगनबाड़ी केंद्रों का अपना छत नहीं है। इनका संचालन सार्वजनिक स्थानों पर किया जा रहा है। बता दें कि जिले में छह माह से छह वर्ष चार लाख 62 हजार बच्चे हैं। इसमें से तीन से छह वर्ष के 80 हजार बच्चे हैं। इनको प्री एजूकेशन दिया जाता है।
इन ब्लाकों में बनेंगे आंगनबाड़ी केंद्र
जौनपुर। जिले के सभी 21 ब्लाकों में 196 आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे। इसमें केराकत ब्लाक में नौ, डोभी में आठ, सिकरारा में सात, मछलीशहर में छह, जलालपुर में नौ, धर्मापुर में आठ, सुईथाकला में 11, मुफ्तीगंज में आठ, रामपुर में पांच, मुगराबादशाहपुर में आठ, महराजगंज में 8, बरसठी में 8, बदलापुर में 12,बक्शा में 13, करंजाकला में 10, खुटहन में 17, मड़ियाहूं में 6, रामनगर में 9, शाहगंज में 16, सुजानगंज में 6 और सिरकोनी में 12 आंगनबाड़ी केंद्र बनने हैं।
तीन विभाग मिलकर कराएंगे आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण
जौनपुर। जिले में इस साल बनने वाले सभी 196 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण तीन विभागों द्वारा किया गया था। इसमें एक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण में पांच लाख रुपये का काम मनरेगा द्वारा किया जाएगा। दो लाख बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा कराया जाएगा। जबकि एक लाख छह हजार का काम ग्राम पंचायत द्वारा किया जाएगा।
जिले में 4821 आंगनबाड़ी केंद्रों का अपना भवन नहीं है। इससे दिक्कत तो हो ही रही है लेकिन सरकार की ओर से धीरे-धीरे आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इस साल 196 आंगनबाड़ी केंद्रों का भवन बनवाया जाएगा। इसके लिए धनराशि भी आ गई है। - गोविंद दयाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग