जौनपुर। जिले के परिवहन बेड़े में बसों की संख्या तो बढ़ा दी गई है लेकिन चालक और परिचालकों (स्टाफ) की कमी के कारण इनका संचालन पटरी से उतर गया है। जौनपुर डिपो में स्टाफ की भारी किल्लत की वजह से रोजाना करीब 10 बसें डिपो से बाहर नहीं निकल पा रही हैं। इसका सीधा खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरन डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।डिपो के आंकड़ों के अनुसार, 105 बसों के बेड़े को सुचारु रूप से चलाने के लिए 205 चालकों की दरकार है लेकिन वर्तमान में नियमित और संविदा मिलाकर महज 135 चालक ही तैनात हैं। इसी तरह 233 परिचालकों के सापेक्ष केवल 167 ही ड्यूटी पर हैं। स्टाफ की इस कमी के चलते मुख्य रूप से लोकल रूट की बसें प्रभावित हो रही हैं, जिससे रोडवेज को हर दिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डिपो प्रशासन ने नए चालकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। जौनपुर डिपो इंचार्ज बीके सिंह ने बताया कि चालकों की कमी दूर करने के लिए जल्द ही भर्ती शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही सभी बसों का संचालन बहाल कर दिया जाएगा।