जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अनिल कुमार यादव ने थाना खेतासराय के बरतला गांव में 20 वर्ष पूर्व लाठी ,राड से जानलेवा हमला करने वाले पांच आरोपी को 7 वर्ष की सजा व प्रत्येक को 35 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। वादी मुकदमा नसीम अहमद ने घटना की प्राथमिकी थाना खेतासराय में दर्ज कराई थी कि वादी के मोहल्ले से सटे मोहल्ले में मजहरूल इस्लाम आदि रहने वाले हैं। 15 अगस्त 2004 को 9.30 बजे वादी का भाई वसीम अहमद, कलाम अहमद के साथ घर से कार से दुकान जा रहा था। इतने में मजहरूल इस्लाम, मोहम्मद राशिद, अफसार अहमद, फिरोज अहमद, बबलू व सलाउद्दीन वहां मिले और अभद्र टिप्पणी किया। भाई के विरोध पर आरोपी गालियां देने लगे। वसीम को गाड़ी से खींच कर मारने लगे। वह जान बचाकर घर भागा। झगड़े की बात सुनकर पिता अनवर अली घर से निकलकर मजार के पास तक गए थे। इतने में सभी आरोपी राड, लाठी, बांस लेकर वादी के पिता पर जानलेवा हमला कर हमला कर दिए जिससे वह गिरकर तड़पने लगे। वादी व उसके भाई वसीम, फहीम बीच बचाव किए तो आरोपी उन्हें भी बुरी तरह से मारेपीटे। शोर पर कलाम, निसार आदि पहुंचे और बीच बचाव किया। आरोपी जाते समय जान से मारने की धमकी दिए। हॉस्पिटल ले जाते समय रास्ते में पिता की मृत्यु हो गई। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में 23 सितंबर 2004 को केस डायरी दाखिल किया। गवाहों का बयान कोर्ट में अंकित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मजहरूल, राशिद, फिरोज, बबलू व अफसार को दोषी पाते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई। आरोपी सलाउद्दीन के अवयस्क होने के कारण उसकी पत्रावली कोर्ट ने अलग कर दिया था।
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