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प्रयागराज से आए 682 विद्यार्थी, किया हंगामा

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11- मछलीशहर शेल्टर होम में स्क्रीनिंग के लिए खडे़े छात्र छात्राएं। - फोटो : JAUNPUR
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प्रयागराज से आए 682 विद्यार्थी, किया हंगामा
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मछलीशहर के बिहारी महिला महाविद्यालय और फौजदार इंटर कॉलेज में रखा गया
- थर्मल स्क्रीनिंग के बाद भेजे जाएंगे घर
संवाद न्यूज एजेंसी
मछलीशहर। लॉक डाउन के बाद से प्रयागराज में फंसे जिले के 682 छात्र-छात्राओं को मंगलवार को जौनपुर लाया गया। 26 बसों से उन्हें नगर के बिहारी महिला महाविद्यालय व फौजदार इंटर कॉलेज में बने क्वारंटीन सेंटर में लाया गया। छात्रों ने घर जाने के लिए हंगामा किया। प्रशासनिक अफसरों ने जांच प्रक्रिया पूरी कर उन्हें घर भेजने का आश्वासन देकर शांत कराया। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और स्वस्थ मिलने पर घर भेज दिया गया।
प्रयागराज से छात्र-छात्राओं के आने का क्रम देर रात से ही शुरू हो गया था। पहले छह बसों से 162 छात्र-छात्रा आए। उन्हें नगर के बिहारी महिला महाविद्यालय और फौजदार इंटर कॉलेज में रखा गया। उनकी थर्मल स्क्रीनिंग शुरू कराई गई। इसके कुछ देर बाद ही फिर से बसों के आने का क्रम शुरू हो गया। दोपहर तक 18 बसों से फिर 468 छात्र-छात्रा पहुंच गए थे। भीड़ बढ़ने लगी तो रात में आए विद्यार्थी घर जाने की जिद करते हुए हंगामा मचाने लगे। सूचना पाकर एसडीएम अमिताभ यादव मौके पर पहुंचे और सभी को आश्वस्त किया कि थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें घर भेजवा दिया जाएगा। तब तक के लिए वह धैर्य बनाए रखें। शाम को दो बसें फिर आईं, जिसमें 52 विद्यार्थी सवार थे। एसडीएम अमिताभ यादव व ईओ अनिल सिंह ने बताया कि जिस छात्र-छात्राओं की स्क्रीनिंग हो जा रही है, उसे घर भेजा जा रहा है।
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भोजन मांगने की आ गई थी नौबत, इसलिए चले आए घर
- बोले छात्र: कोरोना से बचने के लिए घर सबसे महफूज
- ठप थी पढ़ाई, खाली जेब ने भी किया मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
मछलीशहर। प्रयागराज से घर वापस लौटे छात्रों के चेहरे पर अब सुकून के भाव थे। हॉस्टल और किराए के कमरों में रहने वाले छात्र रोजाना बिगड़ती स्थिति से चिंतित थे। उनका कहना था कि स्कूल-कॉलेज बंद हो चुके थे। जेब खाली हो गई थी। राशन खत्म होने के बाद स्थिति बिगड़ रही थी। बाहर निकल नहीं सकते थे। ऐसे में उन्हें घर लौटना पड़ा। वैसे भी घर से महफूज कोई जगह नहीं है।मुंगराबादशाहपुर के संदीप कुमार ने कहा कि पढ़ाई के उद्देश्य से वहां गए थे। लॉक डाउन के दौरान शिक्षण संस्थान बंद हो गए। ऐसे में वहां रुकने का कोई औचित्य नहीं रहा। कमरे में ही रहना पड़ता था। सुजानगंज के रमगढ़ा निवासी रोशनी सिंह और रागिनी सिंह ने बताया कि पढ़ाई बंद हो गई। घर से गया राशन भी खत्म हो गया। सरकार और स्वयं सेवी संस्थाएं गरीबों की मदद करती थी हमारी नहीं। हमने लाइन में लग कर भोजन लेने की मजबूरी को भांप लिया। इसलिए घर वापस लौट जाने का निर्णय लिया। मुंगराबादशाहपुर निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि राशन और पैसा समाप्त हो गया। एटीएम कार्ड भी ब्लाक हो गया तो वहां रहने पर समस्या ही समस्या नजर आने लगी। जब सरकार ने घर भेजने की मांग मान ली तो हमने घर वापसी कर ली। मडियाहूं के कमलेश, सुशील, दयाशंकर यादव समेत अन्य छात्रों का भी यही कहना था।
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क्वारंटीन सेंटर का मंडलायुक्त ने किया निरीक्षण
जौनपुर। वाराणसी मंडल के आयुक्त दीपक अग्रवाल ने मंगलवार को क्वारंटीन सेंटर के लिए चिह्नित किए गए स्कूलों का निरीक्षण किया। वहां की व्यवस्थाएं देखी। जिले के सौ स्कूल इसके लिए चिह्नित किए गए हैं। मंडलायुक्त ने उमानाथ सिंह सीनियर सेकेंड्री स्कूल जफराबाद, नीलदीप एकेडमी में सोनानंदन टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, लालजी होरीलाल विश्वकर्मा इंटर कॉलेज नत्थनपुर, आरआर मिशन कॉलेज हुंसेपुर का निरीक्षण किया। आयुक्त ने वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निर्देश दिए कि सभी शेल्टर होम में लाइट, पंखा पीने का पानी और गद्दों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। शेल्टर होम में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाय और खाने की व्यवस्था शेल्टर होम में ही की जाए। निरीक्षण के दौरान डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसपी अशोक कुमार, सीडीओ अनुपम शुक्ला, एसडीएम सदर नीतीश कुमार आदि मौजूद रहे।
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नासिक से लौटे तीन युवक किए गए क्वारंटीन
धर्मापुर। क्षेत्र के मनिहा गोविंदपुर गांव में नासिक से लौटे तीन युवकों को कोरोना संदेह की आशंका में स्वास्थ्य टीम ने क्वारंटीन सेंटर पर भेज दिया। तीनों युवक नासिक में रहकर रोजगार करते थे। सोमवार को वह घर वापस लौटे तो ग्रामीणों ने सूचना चोरसंड के सीएचसी अधीक्षक को दी। मंगलवार को पहुंची स्वास्थ्य टीम ने परीक्षण कर सभी को क्वारंटीन सेंटर भेज दिया।
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