बदलापुर । डिप्टी सीएम केशव मौर्या के घोषणा करने के बावजूद अभी तक चकरियहवा घाट पर पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। जिसको लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। पुल नहीं होने के चलते गांवों के लोग रपटा पुल के सहारे आवागमन कर रहे हैं। वहीं बारिश में बाढ़ आने के बाद दूसरे मार्ग से तहसील मुख्यालय सहित अन्य स्थानों पर जाते हैं, जिससे समय व आर्थिक दोनों का नुकसान होता है। सल्तनत बहादुर इंटर कालेज बदलापुर में तीन माह पहले आयोजित हुई तीन दिवसीय महोत्सव के पहले दिन एक नवंबर को बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने क्षेत्र के बदलापुर खुर्द गाँव में पीली नदी पर बने रपटा पुल पर पुल बनवाये जाने की घोषणा किया था। उन्होंने कहा था कि बहुत जल्द पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। किन्तु उनकी घोषणा के तीन माह बीत जाने के बाद भी रपटा पुल की स्थित यथावत बनी हुई है। हालत यह है कि बदलापुर खुर्द में पीली नदी में बना चकरियहवा घाट बारिश के दिनों में बाढ़ आने पर डूब जाता है। जिससे क्षेत्र के लेदुका, रारी, देवरिया , दुर्गा पट्टी, मोलनापुर , मसनपुर, बदलापुरखुर्द , भगतपुर, मछलीगांव सहित दर्जन भर से ज्यादा गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट जाता है। इन गाँव के लोगों को दूसरे रास्ते बटाऊबीर से तहसील मुख्यालय बदलापुर के लिए होता है। बदलापुरखुर्द निवासी भाजपा नेता गुप्तेश्वर शुक्ल ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को पत्र लिखकर निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग की है।