जौनपुर। जिले में राजस्व से संबंधित पांच साल से अधिक समय से 6057 मुकदमे लंबित हैं। ये मुकदमे जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट और तहसीलदारों के कोर्ट में लंबित हैं। मुकदमों की संख्या को कम करने के लिए अफसरों ने अभियान चलाकर उनको निपटाना शुरू किया है। इसके तहत 151 मामलों का ही निस्तारण किया गया है।
जिले में चाहे जिलाधिकारी का कोर्ट हो या फिर एडीएम व नगर मजिस्ट्रेट सहित सभी एसडीएम का कोर्ट हो। सभी के कोर्ट में पांच साल से अधिक समय के मुकदमे लंबित हैं। मुकदमों की ठीक से पैरवी नहीं होने और तारीख लेने के कारण उममें पैसला नहीं हो पा रहा है। इन सभी कोर्ट में पांच साल से अधिक समय से 6208 मामले लंबित थे। इसमें से दो हजार 191 मामले डीएम, एडीएम और नगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय में जबकि चार हजार 17 मामले सभी तहसीलों सदर, मछलीशहर, केराकत, मड़ियाहूं, शाहगंज, बदलापुर के एसडीएम कोर्ट में हैं। समीक्षा के दौरान मुकदमों की बड़ी संख्या को देखते हुए अफसरों ने इसे तेजी से निस्तारित करने अभियान शुरू किया, जिसके तहत 151 मामलों का निस्तारण किया गया है।
बदलापुर में सबसे ज्यादा मुकदमे
जौनपुर। बदलापुर तहसील में पांच से अधिक समय के 682 मुकदमे में हैं, जिनमें से एक में भी फैसला नहीं हो सका है। वहीं मड़ियाहूं में लंबित 293 मामलों में एक, केराकत में 680 मामलों में नौ मामले का, सदर तहसील मे 630 मामलों में से 10 मामले का, शाहगंज में 716 में से 26 और मछलीशहर में लंबित 101 में 23 मामलों का निस्तारण किया गया है।
पांच साल से अधिक समय के लंबित मुकदमों का निस्तारण अभियान चलाकर किया जा रहा है। जिनके मुकदमे लंबित हैं, उनसे पैरवी जल्द करने को कहा गया है। विभिन्न राजस्व न्यायालयों में 6208 मुकदमे पांच साल से अधिक समय से लंबित थे, जिनमें 151 का निस्तारण कर दिया गया है। -रामप्रकाश, अपर जिलाधिकारी वित्त व राजस्व