कभी बारिश तो कभी तेज धूप के कारण वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में एकाएक फिर से बढ़ोत्तरी हो गई है। सीएमएस डॉ. संजय कुमार कनौजिया ने बताया कि जिला अस्पताल में वायरल संक्रमण के 60 मरीज भर्ती हैं। हर दिन लगभग 1200 तक मरीज ओपीडी में पंजीकरण करा रहे हैं। सुबह आठ बजे से ही पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की कतार लग जा रही है। पैथोलॉजी में हर दिन 550 मरीजों की जांच हो रही है। सबसे ज्यादा जांच सीबीसी, टायफायड और डेंगू की हो रही है। जिला अस्पताल प्रशासन स्वाइन फ्लू के लिए अलर्ट मोड में है। मरीजों के लिए दस बेड का वार्ड बनाया गया है।
स्वाइन फ्लू के लिए सीएचसी में 5 बेड सुरक्षित
सीएमएस डॉ. संजय कुमार कनौजिया ने बताया कि स्वाइन फ्लू की संभावित स्थिति को देखते हुए जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच बेड सुरक्षित किए गए हैं। संभावित स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में व्यवस्थाएं तैयार हैं।
बिना डॉक्टर की सलाह के न लें बुखार की दवा
सीएमओ ने आमजन से अपील की है कि बुखार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें। यदि किसी व्यक्ति में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो जिला अस्पताल में जांच कराए। ताकि बीमारी की सही पहचान कर समय से उचित उपचार शुरू किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है।
एक घंटे देर तक चली ओपीडी
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1171 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें सबसे ज्यादा बुखार, सर्दी, खांसी, बदन दर्द और वायरल संक्रमण से पीड़ित रहे। मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण दोपहर 2 की जगह अपराह्न 3 बजे तक डॉक्टरों ने ओपीडी में उपचार किया।
बीते चार दिनों में ओपीडी में आए मरीजों की संख्या
सोमवार : 1469
मंगलवार : 1210
बुधवार: 1139
बृहस्पतिवार : 1171