जौनपुर। कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को पोषित करके उन्हें स्वस्थ बनाने व कुपोषण को मात देने के लिए गांव से लेकर शहर तक तमाम अभियान चलाए जा रहे हैं। बावजूद इसके जिले में कुपोषण का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। वर्तमान में पांच साल तक के 58 हजार बच्चे ऐसे हैं, जो कुपोषण के शिकार हैं। इनमें 12 हजार बच्चे तो अति कुपोषित की श्रेणी में जबकि 46 हजार बच्चे कुपोषित की श्रेणी में हैं।
जनपद में कुल पांच हजार 321 आंगनबाड़ी केंद्र है। इसमें साढ़े तीन लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इन बच्चों को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से विभिन्न प्रकार के पौष्टिक आहार दिए जाने का दावा किया जाता है। बावजूद इसके जिले में अभी तक 58 हजार बच्चे कुपोषित की श्रेणी में हैं, जिसमें 12 हजार बच्चे अति कुपोषित और 46 हजार आंशिक कुपोषित हैं। हालांकि जिला अस्पताल में इन बच्चों के इलाज के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र एनआरसी बना है। वहीं, छह माह पहले के आंकड़ों पर नजर करें तो 50 हजार 996 कुपोषित बच्चों की संख्या थी, जबकि उसके पहले छह माह पहले इनकी संख्या 52 हजार 509 हैं। इस दौरान तकरीबन 1513 कुपोषित बच्चे सेहतमंद होकर घर लौटे थे।