फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaunpur News: हर महीने 25.33 लाख रुपये की बिजली चोरी कर रहे 5278 ई रिक्शा

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। जिले में कुल 5278 ई रिक्शा हैं जो बिजली निगम को हर महीने करीब 25 लाख रुपए से अधिक के राजस्व को चपत लगा रहे हैं। ई-रिक्शा वाले व्यावसायिक कनेक्शन न लेकर घरेलू कनेक्शन से ही बैटरीचार्ज कर रहे हैं जिसके चलते ओवरलोड और लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इस समय शहर से लेकर गांव तक ई-रिक्शा फर्राटा भर रहे हैं। इसके चलते विद्युत व्यवस्था में पटरी हो गई है। जनपद में ई-रिक्शे वालों की बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली निगम ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं जिससे बिजली निगम को लाखों रुपये का चूना लग रहा है। एआरटीओ में शहर में 4000 से अधिक और गांव में 1200 से अधिक ई- रिक्शा सड़क पर चल रहे हैं। जाहिर सी बात है कि इन वाहनों को रिचार्ज करने की वजह से बिजली की खपत बढ़ जा रही है। आमतौर पर इन वाहनों को चार्ज करन के लिए बिजली निगम से व्यावसायिक कनेक्शन लेना पड़ता है। निगम के कर्मियों की मानी जाय तो किसी ने भी शहर में कॉमर्शियल कनेक्शन नहीं कराया है। ई- रिक्शा चालक घरेलू कनेक्शन या चोरी से वाहन को चार्ज करते हैं जबकि नियमानुसार इसे व्यावसायिक कनेक्शन से ही चार्ज करना चाहिए।
विज्ञापन


ऐसे समझे गणित -उत्तर प्रदेश बिजली निगम के घरेलू उपभोक्ता घरेलू उपभोक्ता की प्रति यूनिट 6.50 रुपये व कामर्शियल 8.50 रुपये प्रति यूनिट है। एक ई रिक्शा को पूरा चार्ज करने में 8 यूनिट बिजली की खपत होती है। इसमें घरेलू केनेक्शन से चार्ज करने पर दो रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली की चोरी की जाती है। इस हिसाब से एक ई रिक्शा को चार्ज करने का खर्च एक दिन में (8*2) यानि 16 रुपये है यानि महीने का 480 रूपये। इस हिसाब से जिले के 5278 ई रिक्शा हर महीने निगम को 25 लाख 33 हजार 400 रुपये का चूना लगा रहे हैं।

6 घंटे में चार्ज होते हैं ईरिक्शा-एक ई-रिक्शा को चार्ज करने में कम से कम 6 घंटे लगते हैं। इसमें लगभग 8 यूनिट की बिजली की खपत होती है इसमें 130 या 150 एम्पियर की चार बैटरी लगी होती है। जो चार्ज होने के बाद करीब 110 किमी की दूरी तय करती है। इस प्रकार से करीब 8 यूनिट बिजली खर्च होती है।
विज्ञापन


ई-रिक्शे की बैटरी घरेलू कनेक्शन से चार्ज नहीं किया जा सकता है। इसके लिए व्यावसायिक कनेक्शन लेना अनिवार्य है। जिले में एक भी ई-रिक्शे का कॉमर्शियल कनेक्शन नहीं है। ऐसा करने वालों पर निगम की ओर से जल्द कार्रवाई की जाएगी। -विवेक खन्ना अधीक्षण अभियंता सर्किल प्रथम जौनपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें