जौनपुर। लाइन बाजार इलाके के कुद्दुपर गांव के मैदान में भाजपा की विजय संकल्प रैली में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बुआ और बबुआ ने मुझे आराम करने की सलाह दी है। उन्हें लगता है तो मोदी आराम करेगा तो उन्हें भी आराम मिलेगा लेकिन मोदी तो सेवक है। सेवक आराम करता है क्या? जौनपुर के प्रत्याशी डा. केपी सिंह और मछलीशहर के बीपी सरोज की समर्थन में आयोजित सभा में प्रधानमंत्री सपा-बसपा पर तो आक्रामक रहे ही, राष्ट्रवाद और आतंकवाद के मसले को भी उठाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह सेवक हैं जो 365 दिन-रात दिन देश की सेवा में लगा रहता है। बहन जी को 23 मई के बाद पता चलेगा कि उन्हें सूबे से बाहर भेजने की साजिश की गई है। जिस समाजवादी पार्टी ने बाबा साहब को अपमानित किया, बहन जी आज उसी के लिए वोट मांग रही हैं। पांच साल पहले अपने इसी जौैनपुर में कहा था कि नेताजी का बेटा उनसे ज्यादा जहरीला है। अरे बहन यह तो बताइए कि क्या आप गरीबों, पीड़ितों और शोषितों के बीच यह जहर बांटने आई हैं? सपा-बसपा ने यूपी में जहर बांटने और भेदभाव की ही राजनीति की है। तीन साल पहले तक बिजली कैसे और कितनी मिलती थीं? बुआ-बबुआ की सरकार में बिजली की सप्लाई स्टेटस सिंबल थी। जहां का मंत्री जितना पावरफुल होता था उसके इलाके को उतनी ज्यादा बिजली मिलती थी। इस सच्चाई को जौनपुर के लोगों से ज्यादा कौन जानता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद से सबका विकास हुआ है। पांच चरण के मतदान के बाद साफ हो गया है कि कांग्रेस बिना मैच खेले ही मैदान से बाहर हो गई है। सपा और बसपा परेशान हैं कि उनके वोट ट्रांसफर के फार्मूले वाले गठबंधन को जनता ने नकार दिया है। लोगों ने हर चरण में देश हित को सर्वोपरि मान कर मतदान किया है। आतंकवाद के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जब तक आतंकवादी हमले होंगे देश का विकास नहीं हो सकता। जौैनपुर के लोग श्रमजीवी विस्फोट की घटना को कैसे भूल सकते हैं। जब एक दर्जन से अधिक मासूम रेलयात्रियों की जान चली गई थी। 2014 से पहले पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर आने वाले आंतकी देश में लोगों को डराते रहते थे लेकिन अब ऐसे लोग नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और कश्मीर तक सिमट गए हैं। यह काम मोदी ने नहीं आपकी वोट से बनी मजबूत सरकार ने किया रहै। आज भारत के सपूत पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों को सबक सिखा रहे हैं और देश के गद्दारों को भी सजा दी जा रही है। समारोह की अध्यक्षता सुशील उपाध्याय संचालन डा. अजय सिंह ने किया।