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राहुल की घोषणा महज चुनावी लालीपॉप

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जौनपुर। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हर व्यक्ति के खाते में साल भर में 72 हजार रुपये भेजने का वादा करके राजनीतिक हलके में भूचाल खड़ा कर दिया है। उनकी बात परक विभिन्न दलों के लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त किया है। विरोधी दलों के नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी की गणित ही गड़बड़ है। गरीबी दूर करने की बात महज एक चुनावी लालीपॉप है। चुनावी वादे का ऐतबार क्या?
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पूर्व सांसद धनंजय सिंह का कहना है कि देश की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि सबको पैसा बांटा जा सके। राहुल गांधी ऐसी घोषणाएं कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। चुनाव आयोग को पूछना चाहिए कि वह वित्तीय संसाधन कहां से जुटाएंगे। यह महज चुनावी धोखा है जो राहुल गांधी लोगों को देने की बात कह रहे हैं। पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी का कहना है कि राहुल गांधी की गणित बहुत ही कमजोर है। वह इतनी रकम कहां से लाएंगे। सपा जिलाध्यक्ष पूर्व विधायक लाल बहादुर यादव का कहना है कि सिर्फ अखिलेश यादव ऐसे नेता हैं, जो कहते हैं वह करते हैं। देश आजाद हुए 72 वर्ष हो गए। कांग्रेस और भाजपा ने ही देश पर राज किया। इनका मकसद गरीबी दूर करने का नहीं बल्कि गरीबों को दूर करने का है। बसपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश गौतम का कहना है कि लोकसभा चुनाव आ गया है। ऐसे दौर में कांग्रेस और भाजपा के नेता बिना सोचे समझे लोगों को लुभाने के लिए कोई भी वादा कर सकते हैं। जब वह सरकार में थे तो उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया। यह सवाल जनता को पूछना चाहिए। जैसे मोदी जी ने चुनाव से पहले लोगों के खाते में 15 लाख देने की बात कही थी। वैसे ही राहुल की घोषणा है।
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