जौनपुर। समस्याओं के निस्तारण के लिए शनिवार को तहसील दिवस का आयोजन किया गया। तहसीलों में आयोजित समाधान दिवस में कुल 515 प्रार्थना पत्र आए। जिसमें से 91 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया गया। शेष आवेदनों को निस्तारण के लिए सौंप दिया गया। मुख्य आयोजन केराकत में हुआ। यहां जिलाधिकारी अनुज कुमार झा और पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय पाल शर्मा ने समस्याएं सुनी।
केराकत: डीेएम अनुज कुमार झा और एसपी अजयपाल शर्मा ने की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया।
केराकत में कुल 222 फरियादी पहुंचे थे। जिसमें से मौके पर महज 26 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया जा सका। समाधान दिवस केराकत तहसील सभागार में चल रहा था। 12:10 पर डीएम अनुज कुमार झा व पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा पहुंचे। डीएम व एसपी जब तक थे तब तक फरियादियों की भीड़ लगी रही। लगभग 1:30 बजे जाने के बाद फ़रियादी भी चले गए। डीएम से पूछने पर उन्होंने कहा कि कुछ मामले ऐसे है जो न्यायालय में लंबित है, ऐसे मामलों का निस्तारण शासन स्तर से सम्भव नहीं है। बाकी मामलों के लिए निर्देशित किया गया है कि फ़रियादी बार-बार न आए। उनके मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
मछलीशहर: तहसील के सभागार में एसडीएम राजेश कुमार चौरसिया की अध्यक्षता में आयोजन हुआ। 110 प्रार्थना पत्र पड़े। जिसमें से 4 मामले का निस्तारण किया गया। मौके पर तहसीलदार अजीत कुमार, सीओ अतर सिंह आदि मौजूद रहे।
शाहगंज: तहसील सभागार में एसडीएम शैलेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में 91 फरियादियों ने प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें से 17 का निस्तारण किया गया। मडियाहूं : समाधान दिवस का आयोजन एसडीएम कुराल गौरव की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें 92 शिकायती प्रार्थना पत्र पड़े। 12 का मौके पर निस्तारण किया गया।
केस 1- सरकी निवासी राधेश्याम यादव ने बताया कि पिछले छह साल से रास्ता बनवाने के लिए तहसील सहित जिले तक चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन अबतक सुनवाई नही हुई। आने-जाने के लिए रास्ता कायम किया गया था। लेकिन विपक्षी आने-जाने नहीं दे रहे हैं। कई बार शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
केस 2- नरहन बधवा निवासी दिव्यांग रामसम्हार चौहान ने बताया कि मेरे मकान की दीवार बन चुकी है। अभी छत नहीं ढला है। मकान के सामने लगभग आधा बिस्वा जमीन खाली है। उसी जमीन में हमारा पुराना शौचालय भी बना है। हमारा कब्जा भी है। जबकि खाली जमीन से विपक्षी का घर लगभग 1 किलोमीटर दूर है, विपक्षी उसे अपने दादा-परदादा की आबादी बताकर जबरन कब्जा करना चाहते हैं।