मुंगराबादशाहपुर। पिछले चार दिनों से कौतूहल का विषय बनी डाल्फिन को आखिरकार पुरऊपुर नहर से बुधवार की सुबह लखनऊ व जिले के वन विभाग टीम ने मिलकर निकाल लिया । वन विभाग के अधिकारी उसे प्रयागराज लेकर चले गए। इस मछली को हंडिया तहसील स्थित लाक्षागृह घाट पर गंगा में छोड़ा जाएगा। उधर इस मछली को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ लगी रही। पुलिस को भी लोगों को नियंत्रित करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
नहर में शनिवार की दोपहर एक समुद्री मछली डाल्फिन कहीं से बहकर कर आ गई। वह ग्रामीणों में कौतूहल का विषय बन गई। मछली को देखने के लिए उक्त नहर के दोनों किनारों पर करीब चार सौ मीटर तक आस - पास के ग्रामीण एवं नगर के लोगों का हुजूम उमड़ रहा था। वन विभाग की टीम ने काफी प्रयास किया लेकिन उसे निकालने में सफलता नहीं मिली। वन विभाग ने लखनऊ से अधिकारियों को बुलाया। बुधवार को सुबह दस बजे के करीब डीएफओ एपी पाठक के नेतृत्व में लखनऊ के वन अधिकारी डा. शैलेंद्र सिंह, अरुणिमा सिंह, डा. राधवेंद्र तथा जौनपुर के पशु चिकित्सक सुरेश पाल सिंह, वन संरक्षण अधिकारी बीडी पांडेय, रेंजर आरएन मिश्र , रेंजर चंद्र शेखर मिश्रा ने मछुआरों की मदद से डाल्फिन को पकड़ने का कार्य प्रारंभ किया गया। घंटों मेहनत के बाद सफलता मिल गई।
नहर में बह कर डाल्फिन मछली कैसे आ गई। यह बात समझ में नहीं आ रही है । फिलहाल इसे सुरक्षित नहर से निकाल प्रयागराज ले जाया जा रहा है, जहां हंडिया तहसील स्थित लाक्षागृह घाट पर गंगा नदी में छोड़ दिया जाएगा।
एके पाठक डीएफओ