जौनपुर। शहर में यातायात चौपट करने की आटो एवं ई रिक्शा कारण बन गए है। इसके खिलाफ नकेल कसने की तैयारी नए एसपी ने शुरू कर दिया है। उन्होंने जिले के सभी एसओ एवं यातायात प्रभारी को चेताया है कि अवैध आटो एवं ई रिक्शा 28 फरवरी के बाद किसी भी हालत में नहीं चलेंगे। उन्होंने आटो एवं ई रिक्शा के पिछले हिस्से में जाली एवं अगले हिस्से में राड लगाएं जाने का फरमान जारी किया है। इसकी भनक लगते ही आटो एवं ई रिक्शा चालकों की बेचैनी बढ़ गई है।
जिले में तकरीबन दस हजार ई रिक्शा संचालित हो रहे है। जबकि इनमें से परिवहन विभाग में सिर्फ 852 लोगों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। इसी तरह पांच हजार से अधिक की संख्या में आटो संचालित है। जिसमें 4601 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। सैकड़ों की संख्या में ऐसे आटो - ई रिक्शा संचालित है। जिन्हें किशोर चला रहे है। इनके पास न तो डीएल है। और न ही वाहनों का पंजीकरण ही है। ऐसे में आए दिन इनके द्वारा मारपीट यात्रियों से की जाती है। चौराहों एवं सड़कों पर मनमाने ढंग से खड़ा करने की वजह से जाम भी लग जाता है। शहर में जिधर देखिए ई रिक्शा ही दिखाई देते है। इसमें बैठी खास कर महिलाएं अस़ुरक्षित है। चेन स्नैचिंग की कई घटनाएं हो चुकी है। कई लोग गिरकर घायल हो चुके है। ऐसे में एसपी आशीष तिवारी ने इनकी नकेल कसने का मन बनाया है। जिसके तहत इन्हें पिछले हिस्से में जाली और अगले हिस्से में राड लगवाएं जाने का निर्देश दिया गया है। बुधवार को यातायात प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने आटो चालकों एवं ई रिक्शा चालकों को एसपी का फरमान सुनाया तो उनकी बेचैनी बढ़ गई। यातायात प्रभारी विजय प्रताप सिंह का कहना है कि फरवरी बाद निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर एसपी आशीष तिवारी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। इसे देखते हुए ऐसा निर्देश संबंधित को दिया गया है। ताकि यात्रि सुरक्षित रहें और चेन स्नैचिंग जैसी कोई घटनाएं न हो।