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नामांकन शुरू होने में 4 दिन शेष, नहीं घोषित हुए

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जौनपुर। लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन शुरू होने में तीन दिन ही शेष रह गए हैं, मगर जौनपुर सदर लोकसभा सीट से किसी भी दल ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं । राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच भी प्रत्याशियों के नामों की चर्चा तेज हो गई है। कोई जातीय समीकरण के हिसाब से प्रत्याशी के नाम की अटकलें लगा रहा है तो कोई पार्टी के वोटबैंक के मुताबिक शुक्रवार को एक पूर्व पीसीएस अधिकारी श्याम सिंह यादव के का नाम बसपा- सपा गठबंधन से प्रत्याशी के रूप में चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें टिकट देने का मन बना लिया है, जिसकी घोषणा दो दिन में हो जाएगी। अधिकारी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जो प्रक्रिया है पूरी हो गई है। सिर्फ घोषणा होना बाकी है। वहीं भाजपा में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रहीं है। टिकट दावेदार दिल्ली में जमें हुए है। अपनी पूरी ताकत टिकट लेने के लिए लगाएं है। देखना है कि बाजी कौन मारता हैं।
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय ने सिकरारा क्षेत्र में आयोजित किसान सम्मेलन में स्पष्ट किया कि जौनपुर से कमल लड़ेगा। उन्होंने कहा कि दो दिन के अंदर प्रत्याशी के नामों की घोषणा कर दी जाएगी। इसके बाद निषाद पार्टी के किसी प्रत्याश के लड़ने की अटकलों पर विराम लग गया। पूर्व सांसद धनन्जय सिंह एक माह से जौनपुर आए ही नहीं। संजय निषाद को लेकर टिकट के लिए पूरी ताकत लगाए हुए हैं। सांसद केपी सिंह, अभिनेता रविकिशन, मनीष शुक्ल, मनोज सिंह, पाणिनी सिंह, पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी, सुरेंद्र सिंह भी टिकट के लिए दम लगाए हैं। बसपा- सपा गठबंधन में यह सीट बसपा के खाते में है। मंडियाहूं इलाके के एक पूर्व पीसीएस अधिकारी भी बसपा से टिकट लेने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। वह सपा के एक विधायक एवं पूर्व मंत्री के रिश्तेदार बताए जाते हैं। इस बीच यह भी चर्चा है कि जौनपुर सीट बसपा सपा को दे सकती है, जहां से मुलायम सिंह यादव के परिवार के तेजप्रताप सिंह को लड़ाया जा सकता है। मगर अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सिर्फ घोषणा बाकी है। कांग्रेस की स्थिति तो सबसे खराब है। बसपा छोड़कर कांग्रेस में आएं अशोक सिंह ने खुद को प्रत्याशी घोषित कर डाला था लेकिन उनका टिकट अब भी फाइनल नहीं है और वे दिल्ली में डेरा डाले हुए है। नदीम जावेद, पड़ोसी जिले एक पूर्व सांसद भी कांग्रेस से लड़ने की तैयारी में हैं।
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