फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्थाई गोशाला में पशुओं के लिए चारे का संकट

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। छुट्टा पशुओं से किसानों को निजात दिलाने के लिए सरस हॉट पैड, कोल्ड स्टोरेज और अन्य सरकारी भवनों में अस्थाई गोशालाएं बना दी गई हैं लेकिन चारे-पानी के काई इंतजाम नहीं किए गए। अभी तक ग्रामीणों की मदद से पशुओं के चारा-पानी की व्यवस्था की जा रही थी लेकिन अब गांव वाले भी हाथ खड़े करने लगे हैं। ऐसे में प्रशासन की लापरवाही से मवेशी भूखे-प्यासे रह रहे हैं। यदि चारा-पानी के जल्द इंतजाम न किए गए तो मवेशियों का जीवन संकट में पड़ जाएगा। जिले में 20 हजार से अधिक छुट्टा पशु हैं। शासन के निर्देश पर 24 अस्थाई गोशालाएं बनाई गई हैं, जहां कुल 1156 छुट्टा पशुओं को रखा गया है। अब इतने मवेशियों के लिए चारा-पानी कहां से आए, प्रशासन की ओर से इसकी कोई व्यवस्था नहीं की गई। गांव के लोगों की मदद से पशुओं को चारे के रूप सिर्फ पुआल दिया जा रहा तो कहीं वह भी नहीं मिल पाता। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने कुछ अस्थाई गोशाला की पड़ताल की तो प्रशासनिक लापरवाही सामने आई। जफराबाद प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के इमलो पांडे पट्टी स्थित सरस हॉट पैड में आठ दिन पहले 62 छुट्टा पशुओं को पकड़कर रखा गया था। इन पशुओं के लिए चारा-पानी की जिम्मेदारी गांव वाले ही संभाल रहे हैं। ग्राम प्रधान शिव बालक मिश्र ने बताया कि अभी कोई सरकारी सहायता नहीं मिली है। गांव के लोगों को पास भी इतना चारा नहीं है। इसलिए इन पशुओं का पेट नहीं भर पाता। थोड़ा-थोड़ा चारा देकर उन्हें जिंदा रख गया है। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार लहंगपुर ग्राम सभा के सरस हाट पैड को अस्थाई गोशाला बनाया गया है। यहां 25 दिन से 100 से अधिक पशुओं को रखा गया है लेकिन अभी तक चारा-पानी की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी। किसानों से पुआल लेकर मवेशियों को दिया जा रहा है। पुआल का इंतजाम ग्राम प्रधान कुसांव गया सिंह, प्रधान बराई, प्रधान भवनाथपुर तथा प्रधान भाऊपुर करा रहे हैं। खंड विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि पशुओं के लिए नाद और चन्नी की व्यवस्था कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें