पोलियो, टीबी, टीटनेस जैसी 12 जानलेवा बीमारियों से बच्चों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण अभियान चलाता है। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर इसकी विशेष व्यवस्था भी की गई है। कोई भी बच्चा इससे वंचित न रहने पाए, इसके लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। बावजूद इसके जिले में एक, दो नहीं बल्कि 31 हजार से अधिक नौनिहाल टीकाकरण से वंचित रह गए है। इतना ही नहीं 5700 से अधिक गर्भवती महिलाओं ने भी समय से टीका नहीं लगवाया। इसका खुलासा तब हुआ जब आशा बहुओं के माध्यम से डोर-टू-डोर सर्वे कराया गया।
गर्भवती महिलाओं और 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों में कौन-कौन टीकाकरण से वंचित रह गया, इसकी जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 18 जुलाई से 26 जुलाई तक आशा बहुओं के माध्यम से सर्वे कराया। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सर्वे के दौरान आशा बहुओं ने कुल सात लाख 72 हजार से अधिक घरों का दरवाजा खटखटाया। जानकारी लेने पर पता चला कि किसी का एक तो किसी तो दो टीका छूटा है। इस तरह से 5789 गर्भवती महिलाएं और 31085 बच्चे टीकाकरण से वंचित मिले।
शनिवार व बुधवार को होता है टीकाकरण
बच्चों को पिलिया, टीबी, पोलियो, टीटनेस, गलाघोटू, कालीखांसी, दस्त रोग सहित कुल 12 तरह की बीमारियों से बचाव के लिए टीका लगाया जाता है। प्रत्येक शनिवार और बुधवार को टीकाकरण किया जाता है। इसके लिए आशा और एएनएम को विशेष रूप से निर्देश भी दिया गया है।
मिशन इंद्रधनुष अभियान में सभी को लगेगा टीका
टीकाकरण से वंचित बच्चों के लिए सघन मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। सोमवार को सीएमओ कार्यालय में सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह ने अभियान की शुरूआत की। बताया कि अभियान 3 चरणों में (7-12 अगस्त, 11-16 सितंबर, एवं 9-14 अक्तूबर) तक चलाया जाएगा। यह अभियान सप्ताह के प्रत्येक दिन चलाया जाएगा और नियमित टीकाकरण सत्रों के अतिरिक्त टीकाकरण सत्र लगाए जाएंगे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि सर्वे के दौरान जिनके भी बारे में जानकारी मिली उन्हें टीका लगवाया जाएगा। मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम में सबको संतृप्त किया जाएगा।