प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत करीब 2200 लोगों पर आवास का 11 करोड़ रुपये बकाया है। यह ऐसे लाभार्थी हैं, जिन्होंने तीन साल से पहली व दूसरी किस्त ले रखी है, बावजूद अपना घर नहीं बना रहे हैं। इसमें सर्वाधिक नगर पालिका परिषद जौनपुर व नगर पंचायत बदलापुर के लाभाथी हैं। इनसे वसूली के लिए नोटिस भेजी जा रही है।
जिले में प्रत्येक लाभार्थी को तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये सरकार से मिलते हैं। इसके अलावा 86 हजार रुपये लाभार्थी को लगाना पड़ता है। इसमें उसकी मजदूरी भी हो सकती है। इसका लाभ जिले के नगर निकायों में रहने वालों को दिया जाता है, जिनके पास एक भी आवास न हो। इसके तहत जिले में 12 नगर निकाय हैं, इसमें तीन नगर पालिका व नौ नगर पंचायत हैं। इसमें नगर पालिका परिषद जौनपुर में करीब एक हजार, नगर पंचायत बदलापुर में 400, खेतासराय में 85, नगर पालिका परिषद शाहगंज में 49, नगर पंचायत रामपुर में 42, नगर पंचायत मड़ियाहूं में 47, नगर पंचायत मछलीशहर में 29, नगर पालिका परिषद मुंगराबादशाहपुर में 39, नगर पंचायत जफराबाद में 59 लाभार्थियों ने आवास के नाम पर खाते में धनराशि ले रखी है। इसके बाद न तो आवास बना रहे हैं न ही पैसा वापस कर रहे हैं।
प्रभारी पीओ डूडा निधि वाजपेयी ने बताया कि पीएम शहरी आवास योजना के तहत सरकारी धन को तीन साल से लेकर बैठे लाभार्थियों को नोटिस भेजा जा रहा है। प्रथम व दूसरी किस्त की धनराशि इनके खातों में वर्ष 2021-22 में भेजी गई। धनराशि भेजने के बाद भी आज तक आवास नहीं बनाए। इसमें सर्वाधिक जौनपुर, बदलापुर के लाभार्थी हैं।