केराकत। चुनाव करीब आते ही मुद्दे गरमाने लगे हैं। अधूरे पुल और सड़कों के लिए आंदोलन शुरू हो गए हैं। शनिवार को थानागद्दी के मई घाट पर पुल नहीं बनने से नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और मतदान बहिष्कार का ऐलान किया था। सोमवार को मुफ्तीगंज ब्लाक के बीरमपुर -भड़ेहरी घाट पर निर्माणाधीन पुल का काम बंद होने के खिलाफ ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुल का निर्माण तत्काल शुरू कराने की मांग की।
जिले में 16 अप्रैल से नामांकन शुरू हो रहा है। उसके बाद प्रत्याशी वोट मांगने गांवों में जाएंगे तब उनसे जनता अधूरे विकास कार्यों का लेखाजोखा लेगी। इसके संकेत अभी से मिलने लगे हैं। थाना गद्दी के मई घाट के बाद सोमवार को मुफ्तीगंज के बीरमपुर-भड़ेहरी पुल का निर्माण कार्य ठप होने का मुद्दा उठ गया।
वर्ष 2011 में पुल बसपा शासन काल में स्वीकृत हुआ था। इसका शिलान्यास तत्कालीन लोकनिर्माण मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी 15 नवंबर 2011 को किया गया था। सेतु निगम को वर्ष 2014 तक पुल बना लेना था। वर्ष 2012 में शासन सत्ता परिवर्तन के बाद पुल का काम धीमे हो गया। पुल के नौ पिलर में से चार का निर्माण हो पाया है। उसके बाद से काम ठप है। ग्रामीणों ने विरोध कर पुल का निर्माण शुरू करने की मांग की। उनका कहना है कि बार- बार मांग किये जाने के बाद भी आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। पुल के निर्माण में लगी मशीनों को ठेकेदार कहीं और लेकर चला गया है। चुनाव में प्रत्याशियों से इस बारे में सवाल पूछे जाएंगे। उन्हें इस तैयारी के साथ आना चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में प्रदीप कुमार सिंह, सूरज मौर्य, खरपत्तू निषाद, अरविंद कुमार गुप्ता, राम विश्वकर्मा, दयाशंकर पाठक, विकास पाठक, हिमांशु सिंह, रत्नाकर पाठक तरुण सिंह, अमित निषाद नागेंद्र कुमार एवं स्वतंत्र पाठक आदि शामिल रहे।
पीली नदी पुल पर कई जगह दरारें
सिंगरामऊ। क्षेत्र से होकर गुजरने वाली पीली नदी पर बना पुल जर्जर हो गया है। पुल के बीच में कई स्थानों पर दरारें पड़ गई है। इससे हादसे की आशंका बनी हुई है। पुल से होकर क्षेत्र के लोगों का हमेशा आना जाना लगा रहता है। क्षेत्र के निवासी अशोक कुमार सिंह का कहना है कि यह पुल पांच दशक पुराना है। पुल के उस पार प्रतापगढ़ की सीमा शुरू हो जाती है। इस वजह से इस पुल पर हमेशा यातायात का दबाव बना रहता है। पुल के मरम्मत के लिए सेतु निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता, मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करके बनवाने की मांग की गई है।
पांच वर्ष से लटका पड़ा है पुल का निर्माण
बदलापुर । लोकनिर्माण विभाग की लापरवाही के कारण पांच वर्ष से बघाड़ीकला-इमिलिया घाट पुल निर्माण अधर में है। इसके कारण जौनपुर - सुल्तानपुर मार्ग यातायात सुगम नहीं हो पा रहा है।
बघाड़ीकला - इमिलिया घाट पर पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2012 में शुरू हुआ था। किसानों ने जमीन का मुआवजा नहीं मिलने के कारण 35 प्रतिशत काम होने के बाद निर्माण कार्य रोक दिया था। रमेश सिंह , भगवंती सिंह बब्बन सिंह , लालसाहब सिंह , सुभाषचंद्र ,विजयी ,गंगाप्रसाद, दयाशंकर निषाद का कहना है कि सर्किल रेट से कम मुआवजा दिया जा रहा था, जिसके चलते काम रोकना पड़ा था। प्रशासन ने किसानों पर दबाव बना कर काम शुरू करा दिया लेकिन किसान भी अपनी जिद्द पर अड़े रहे। कोर्ट से स्टे ले आए और काम रोक देना पड़ा। किसान सर्किल रेट से चार गुना मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चौखट तक अपनी फरियाद सुनाई। मुख्यमंत्री ने प्रकरण की जांच अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोकनिर्माण विभाग सुल्तानपुर से कराई थी। अधिकारियों का कहना है कि मामला सुलझा लिया जाएगा और जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा।