फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...ऐसे तो जिले में पनप चुका दरी उद्योग

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। बैंको की लापरवाही से जिले में एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत दरी उद्योगों के पनपने पर ग्रहण लग गया है। दरी उद्योग लगाने के लिए उद्योग विभाग द्वारा चयनित लाभार्थियों को बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत नहीं किया जा रहा है। जिससे लाभार्थी उद्योग स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। 28 लाभार्थियों में से 25 लाभार्थी ऐसे हैं। जिनको उद्योग लगाने के लिए ऋण बैंक द्वारा स्वीकृत नहीं किया जा रहा है।उद्योग विभाग की मानें तो बैंक द्वारा लाभार्थियों के पत्रावलियों को बेवजह वापस कर दी जा रही है। स्वीकृत नहीं करने का कारण भी नहीं बताया जा रहा है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एक जनपद एक उत्पादन के तहत प्रदेश के हर जिले में एक -एक उद्योग स्थापित करवाया जा रहा है। जिसके क्रम में इस योजना के तहत जनपद में दरी उद्योग स्थापित कराया जाना है। इसके लिए सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में 56 लाख रुपया सब्सिडी भी देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। जबकि उद्योग विभाग द्वारा 114लाख सब्सिडी की मांग की थी। इसके बाद दरी उद्योगों को लगवाने के लिए उद्योग विभाग द्वारा लाभार्थियों का चयन करना शुरु किया गया। अभी तक कुल 28 लाभार्थियों का चयन किया गया है। साथ ही उद्योग विभाग ने इनकी पत्रावली विभिन्न बैंकों को ऋण देने के लिए भेज दी गई। लेकिन बैंकों द्वारा मात्र तीन लाभार्थियों को दरी उद्योग लगाने के लिए ऋण स्वीकृत की गई है। शेष 25 लाभार्थियों की पत्रावली पर ऋण स्वीकृत नहीं किया जा रहा है। उनकी पत्रावलियों को वापस कर दिया है। पत्रावलियों को वापस पाने के बाद लाभार्थी उद्योग विभाग में इसकी जानकारी दे रहे हैं। उद्योग विभाग के कहने के बाद भी पत्रावलियां स्वीकृत नहीं की जा रही है।
विज्ञापन


केस - एक
उपायुक्त उद्योग को पत्र देकर लगाई गुहार
जौनपुर। मडिय़ाहूं कोतवाली क्षेत्र के चकईपुर गांव निवासी शमीम शेख ने उपायुक्त उद्योग को पत्र देकर शिकायत किया है कि एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत दरी उद्योग लगाने के लिए 12 लाख रुपया का आवेदन पत्र आपके द्वारा स्वीकृत होने के बाद यूबीआई भवानीगंज को दिया गया। लेकिन शाखा प्रबंधक उसको स्वीकृत करने की बजाय 15 दिन तक आवेदन नहीं आने की बात कहकर हम को वापस कर दिया गया। आपके कहने पर मै एक बार फिर गया । जिस पर बैंक प्रबंधक ने झल्लाकर कहा कि आप मेरी शिकायत करते हैं। मै आपकी पत्रावली पर ऋण स्वीकृत नहीं करुंगा। जिससे अभी तक बैंक प्रबंधक द्वारा ऋण स्वीकृत नहीं किया गया।

कोट:
दरी उद्योग लगाने के लिए लाभार्थियों का चयन कर पत्रावली विभिन्न बैंकों में ऋण स्वीकृत करने के लिए भेजी गई है। लेकिन 28 में से 25 लाभार्थियों के पत्रावलियों को बैंको द्वारा स्वीकृत नहीं किया जा रहा है। जिससे लाभार्थी इसकी शिकायत मुझसे कर रहे हैं। बैंक प्रबंधकों से पूछने पर कोई कारण भी नहीं बताया जा रहा है।-हर्ष प्रताप सिंह, उपायुक्त उद्योग
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें