हड़ताल पर रहे कर्मचारी, नहीं खुले दफ्तरों के ताले
कलेक्ट्रेट में धरना देकर मजिस्ट्रेट को सौंपा बारह सूत्रीय मांग पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को केंद्र सरकार की जन विरोधी एवं मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ कर्मचारियों ने मंगलवार को कार्यबहिष्कार कर धरना दिया। धरने में राज्य कर्मचारी महासंघ के सभी घटक संगठन, बैंकों के संगठन, डाकघर, बीएसएनएल, आंगनबाड़ी संघ, बीमा, विद्युत विभाग, आशा, पीआरडी आदि संगठनों के सदस्य मौजूद रहे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया है। धरने के बाद कर्मचारियों ने बारह सूत्रीय मांग पत्र मजिस्ट्रेट को सौंपा। हड़ताल से सरकारी दफ्तरों, बीमा, बैंक, विद्युत विभाग, आंगनबाड़ी केंद्रों के ताले तक नहीं खुले।
धरना सभा में वक्ताओं ने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर केंद्रीय श्रम संगठनों, कर्मचारी संगठनों एवं औद्योगिक फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर कर्मचारियों ने पांच सितंबर को दिल्ली में धरना दिया। कोई सुनवाई नहीं हुई तो 28 सितंबर को दिल्ली में हुई बैठक में तय किया गया कि केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों में कोई बदलाव नहीं आ रहा है, लिहाजा हड़ताल ही रास्ता रह गया है। नेताओं ने कहा कि मजदूर और कर्मचारी दिन-प्रतिदिन सरकार की नीतियों द्वारा शोषण का शिकार हो रहे हैं। ज्ञापन में राजकीय कर्मचारियों का सातवें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 26 करने किए जाने, चिकित्सा प्रतिपूर्ति का शासनादेश वापस लिए जाने, मानदेय कर्मियों का न्यूनतम वेतन 18 हजार करने, श्रम कानूनों को मालिकों के पक्ष में संशोधन बंद किये जाने, सभी सरकारी रिक्त पदों पर भर्तियां सुनिश्चित कराएं जाने, सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल किया जाने की मांग की। धरना सभा को अजय सिंह, राकेश श्रीवास्तव, अशोक यादव, अरविन्द यादव, रामकेश यादव, सुजीत सिंह, पारसनाथ यादव, संजय चौधरी, शिव कुमार यादव, अखिलेश उपाध्याय, प्रेमधर उपाध्याय, अच्छेलाल पाल, प्रमोद पाठक, सुनील राव, रामआसरे यादव, सीबी सिंह, चन्द्रशेखर सिंह, अशोक कुमार, बाबी आजाद, अश्वनी श्रीवास्तव, आरपी सिंह, राजेश रावत, विजय प्रताप सिंह, जयप्रकाश सिंह कामरेड, प्रवीण कुमार शुक्ला, रविशंकर मौर्य, किरन शंकर रघुवंशी, शशि यादव, डा. सुरेश चन्द्र, कल्लू कामरेड, काजिम रजा, रूपेन्द्र अस्थाना आदि लोगों ने संबोधित किया। संचालन संजय कुमार चौधरी एवं नीरज श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह बब्बू, निखिलेश सिंह, शंभूनाथ जायसवाल, अजय चौरसिया , राजेंद्र यादव ने की।