जौनपुर। स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ की कमी के कारण जिले के 21 हजार बच्चों को पोषण माह के तहत टीका नहीं लग पाया है। बीते महीने में चलाए गए अभियान के बावजूद विभाग शासन की ओर से निर्धारित लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाया। शासन से मिले लक्ष्य के मुताबिक कुल 4.90 लाख बच्चों को रोग प्रतिरोधक क्षमता का टीका लगना था। इसमें से महज 4.69 लाख बच्चों को ही टीका लग पाया।
स्वास्थ्य विभाग ने 4.90 लाख बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन ए की खुराक देने के साथ ही 12 प्रकार की बीमारियों से बचाने के लिए लक्ष्य रखा था। इसमें 9 माह से 5 वर्ष तक के करीब 4.69 लाख बच्चों को खुराक पिलाई जा सकी है। करीब 21 हजार बच्चे बचे हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि बचे हुए बच्चों को भी शीघ्र ही विटामिन की खुराक दे दी जाएगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों की बेहतर देखभाल करना हम सबकी जिम्मेदारी है। सभी नौ माह से पांच वर्ष तक बच्चों को विटामिन-ए की खुराक जरूर पिलाएं जिससे उन्हें कमजोरी और कुपोषण से बचाया जा सके। विटामिन-ए की खुराक बच्चों को पिलाने से उनकी इम्युनिटी बढ़ेगी।
50 बच्चों को रोज दी जाती है विटामिन-ए की खुराक
जिला अस्पताल में हर दिन करीब 45 से 50 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जाती है। इसके साथ ही हर बुधवार और शनिवार को नियमित रूप से टीकाकरण किया जाता है। शाहगंज स्वास्थ्य केंद्र पर हर दिन 40 से 50 बच्चों को टीका लगाया जाता है। बदलापुर सीएचसी पर हर माह करीब पांच से छह सौ बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाती है। इसके अलावा नियमित टीकाकरण में भी 50 से 60 बच्चों को टीका लगाया जाता है। जिसमें आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम भी सहयोग करती हैं।
स्टाफ की कमी और परिजनों की लापरवाही के कारण बच्चों के टीकाकरण में बाधा उत्पन्न हुई है। बच्चों के परिजन टीका लगवाने के लिए इधर उधर दौड़ते हैं। स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए भी शासन को विवरण भेजा गया है। - डाॅ. लक्ष्मी सिंह, सीएमओ जौनपुर