वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परीक्षा समिति की बुधवार को हुई बैठक में नकल कराने के आरोपी 21 कालेजों को डिबार कर दिया है। 20 कालेज को एक वर्ष और एक कालेज को दो वर्ष के लिए डिबार किया गया है।
डिबार होने वाले में आजमगढ़ के सबसे अधिक कालेज हैं। बता दें कि केएन सिंह महिला महाविद्यालय आजमगढ़ में पिछले सत्र की परीक्षा के दौरान उड़ाका दल से मारपीट हुई थी। जिसके कारण कालेज को दो वर्ष के लिए डिबार कर
दिया गया है। कालेज के छात्र दूसरे केंद्रों पर परीक्षा देंगे। मुख्य परीक्षा की फीस नहीं करने वाले 60 कालेजों को परीक्षा शुक्ल जमा करने की चेतावनी दी गई। सत्र 2015-16 की मुख्य परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय सभी पदेन
प्राचार्यों को आईडी जारी करेगा। प्रायोगिक परीक्षा के लिए चार मार्च से लेटर जारी किया जाएगा। पत्र जारी होने से 45 दिन के भीतर परीक्षा कराना जरूरी होगा। परीक्षा समिति ने तय किया कि मुख्य परीक्षाएं तीन मार्च से शुरू होंगी।
एक साथ दो डिग्री लेने वाले एक छात्र की अंतिम डिग्री निरस्त करने पर सहमति बनी। दीक्षांत समारोह में 339 छात्रों को शोध उपाधि दिया जाना है। कुछ छात्रों की सीडी नहीं हुई है। ऐसे छात्रों की उपाधि रोकने पर सहमति बनी।
छात्र आनलाइन फीस जमा करके डिग्री और माइग्रेशन प्राप्त कर सकेंगे। कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में तय हुआ प्रायोगिक परीक्षा नियत तिथि कर करा ली जाए ताकि रिजल्ट
समय से घोषित करने में कोई दिक्कत न आए। बैठक में रजिस्ट्रार डा. देवराज, वित्त अधिकारी मृत्युजंय सिंह, प्रो. डीडी दुबे, प्रो. बीबी तिवारी, डा. माधुरी सिंह, डा. एचसी पुरोहित, डा. अजय प्रताप सिंह, डा. शशि श्रीवास्तव, डा. अनिल प्रताप सिंह, डा. बद्री नाथ सिंह आदि मौजूद थे।