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नवरात्र आज से दर्शन पूजन के लिए सज गए देवी दरबार

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जौनपुर। वासंतिक नवरात्र शनिवार से कलश स्थापना के बाद शुरू हो जाएगा। पहले दिन श्रद्वालु अपने घरों, प्रतिष्ठानों में घट की स्थापना करेंगे। इसके बाद शुरू होगा देवी के स्वरूपों की पूजा का सिलसिला। नवरात्र को लेकर देवी दरबार सज गए हैं। शीतला चौकिया धाम में नवरात्र पर उमडऩे वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी खास इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर की साफ सफाई और रंग रोगन का काम पहले ही कर लिया गया है। इसके अलावा मैहर देवी मंदिर, मां दक्षिणा काली मंदिर, नव दुर्गा शिव मंदिर, विंध्यवासिनी मंदिर ताड़तला में दर्शन पूजन के लिए तैयारी की गई है। मंदिर के आस पास जाम न लगे इसे देखते हुए वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग स्थल बनाकर वाहनों को निर्धारित स्थान पर खड़ा करने का निर्देश दिया गया है। चैत्र नवरात्र पर मां शीतला धाम चौकिया और मां मंदिर के कपाट भोर में पांच बजे ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। मंदिर परिसर में कड़ाही चढाने की परंपरा है। दूर दराज से आने भक्त चौकिया मां का दर्शन पूजन करने के बाद विंध्याचल दर्शन के लिए जाते हैं। जिले के दोनों प्रमुख शक्तिपीठ परिसर में सुरक्षा को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है। एक दिन पहले सीओ सिटी ने बैठक कर मंदिरों में दर्शन के समय आदि की जानकारी लेने के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने का आश्वासन दिया था। नवरात्र को देखते हुए मंदिर परिसर में नारियल, चुनरी के अलावा माला फूल और श्रृंगार की दुकान सज गई है। नवरात्र में मां शीलता धाम चौकिया और मां मैहर मंदिर परिसर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है। इसके लिए पहले से बैरिकेंडिंग कर दी गई है। उधर, नेवढ़िया स्थित प्राचीन मां शीलता मंदिर में दर्शन पूजन के लिए मां के दरबार को सजाया गया है। ऐसी मान्यता है कि यहां मत्था टेकने वाले भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है। चैत्र नवरात्र में रोजाना हजारों की संख्या में भक्त दर्शन करते है। धाम परिसर में कड़ाही चढ़ाने की परंपरा है। नवरात्र भर बाजार में मेला जैसा माहौल रहता है।
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दोपहर में करें कलश स्थापन
जौनपुर। शनिवार छह अप्रैल को दिनभर की वैधृति योग है। इसमें कलश स्थापना आदि का निषेध है। ऐसे में दिन में 11.35 बजे से दोपहर 12.24 बजे तक अभिजित मुहूर्त में कलश स्थापना किया जाएगा। चैत्र शुक्ल नवमी को रामनवमी होती है। इस साल अष्ठमी शनिवार 13 अप्रैल को दिन में आठ बजकर 16 मिनट तक ही है। उसके बाद नवमी लग रही है। दूसरे दिन रविवार को नवमी सुबह 6 बजे तक ही है। व्रत का पारण 14 अप्रैल को सुबह 6 बजे के बाद होगा।
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