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चैत्र नवरात्र से शुरू होता है शुभता और ऊर्जा का संचार

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जौनपुर। साल में चार नवरात्र होते हैं। जिनमें से दो गुप्त नवरात्र होते हैं। आमतौर पर लोग दो नवरात्रों के बारे में जानते हैं। चैत्र या वासंतिक नवरात्र। इसके अलावा दो और नवरात्र भी हैं। जिनमें विशेष कामनाओं की सिद्धि की जाती है। लेकिन चैत्र और आश्विन माह के नवरात्र ही ज्यादा लोकप्रिय हैं। चैत्र नवरात्र का खास महत्व है। क्योंकि इस महीने से शुभता और ऊर्जा का आरम्भ होता है। ऐसे समय में देवी की पूजा कर उनसे सुख-समृद्धि की कामना करना बहुत शुभ माना गया है। नवरात्र पर देवी पूजन और नौ दिन के व्रत का बहुत महत्व है। मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का पावन पर्व शुरू होने वाला है। नवरात्र वह समय है, जब दोनों ऋतुओं का मिलन होता है। इस संधि काल मे ब्रह्मांड से असीम शक्तियां ऊर्जा के रूप में हम तक पहुंचती हैं। चैत्र नवरात्री के दौरान एक उपवास का पालन करने से शरीर आगामी गर्मियों के मौसम के लिए तैयार होता है। यह चैत्र शुक्ल पक्ष प्रथमा से प्रारंभ होती है और रामनवमी को इसका समापन होता है। ज्योतिषाचार्या ऐस्ट्रो अनु दी ने बताया इस वर्ष चैत्र नवरात्र 6 अप्रैल से प्रारंभ है और समापन 14 अप्रैल को है। चैत्र नवरात्रि के पहले तीन दिनों की ऊर्जा मां दुर्गा को समर्पित है। अगले तीन दिन, धन की देवी, मां लक्ष्मी को समर्पित है और आखिर के तीन दिन ज्ञान की देवी, मां सरस्वती को समर्पित हैं।
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