हादसे की खबर मिलते ही घर में मचा कोहराम
मडियाहूं। लाइनबाजार थाना क्षेत्र के जगदीशपट्टी के पास आक्सीजन गैस एजेंसी में विस्फोट और लोगंो की मौत की खबर मिलते ही एजेंसी संचालक प्रेम प्रकाश सिंह के पैतृक घर मडिय़ाहूं के खजुरहवा गांव में कोहराम मच गया। हादसे की खबर गांव वालों को मिली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच गए। घर के पुरुष हादसे की खबर मिलते ही घटना स्थल के लिए रवाना हो गए। जबकि घर में मौजूद महिलाओं को घटना की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। लेकिन अनहोनी को महिलाओं ने भांप लिया। लोग अपनी जुबान से कुछ बता पाते उसके पहले ही घर में रोना पिटना मच गया।
खजुरहवां गांव निवासी कोमल सिंह बीएचयू से प्रोफेसर के पद से रिटायर हुए हैं। उनके बेटे सत्य प्रकाश, विजय प्रकाश, प्रेम प्रकाश आक्सीजन सिलेंडर एजेंसी का कारोबार देखते थे। आक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट की घटना की खबर शाम छह बजे तक पूरे गांव में फैल चुकी थी। घटना की सूचना घर पर आई तो कोमल सिंह घर पर ही मौजूद थे। एक एक करके ग्रामीणों की भीड़ जमा होने लगी। जितने मुह उतनी बाते होने लगी। कोई बता रहा था कि तीनों भाई हादसे का शिकार हुए हैं तो कोई एक भाई को हादसे का शिकार होने की बात कह रहा था। हर कोई एक दूसरे से फोन पर भी घटना की पुष्टि करने में लगा रहा। कोमल सिंह की पत्नी बदहवास पड़ी रही। गांव की महिलाएं उन्हें सबकुछ ठीक है कहकर ढांढस बंधा रही थी। गांव में मातम पसर गया।
तीन पुत्र और दो बेटियों के पिता थे राममयश
बरसठी। लाइनबाजार थाना क्षेत्र के जगदीशपट्टी मोहल्ले में आक्सीजन सिलेंडर में हुए विस्फोट में मारे गए मडिय़ाहूं तहसील क्षेत्र के मोकलपुर बाबागंज निवासी रामयश यादव एडवोकेट दो पुत्र और तीन बेटियों के पिता थे।
गैस एजेंसी मालिक का वह मुकदमा देखते थे। वह अपने क्लाइंट से ही मिलने गए थे। वह एजेंसी पर मौजूद थे उसी दौरान सिलेंडर में विस्फोट हो गया और पलक झपकते ही सब अन्य लोगों के साथ वह भी मलबे में दब गए। उनके एक पुत्र और एक पुत्री की शादी हो चुकी है। रामयश की मौत की खबर जैसे ही उनकी पुत्री श्वेता को लगी तो घर में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी दहाड़े मार कर रोने लगी। मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली उनके घर पर लोगों का जमावड़ा लग गया। वह प्रतिदिन बाइक से दीवानी न्यायालय से घर आते जाते थे।