शाहगंज। क्षेत्र में लूट, हत्या और टप्पेबाजी की घटनाएं बढ़ रही है। जिससे लोगों में दशहत व्याप्त हो गया है। पुलिस अपराधों पर अंकुश लगाने में बिफल साबित हो रही है।
रविवार को मुजफ्फरपुर पट्टी चक्कर गांव में पट्टीदारों ने ताबड़बोड़ गोलियां बरसाकर दो सगे भाइयों को मौत के घाट उतार दिया और एक जिंदगी और मौत के बीच वाराणसी ट्रामा सेंटर में जूझ रहा है। ढाई महीने के भीतर नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े महिला को मौत के घाट उतार दिया। साढ़े सात लाख रुपये की लूट के मामले में पीड़ित के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया और लूट की घटना को झूठा साबित करने का प्रयास किया।
बीते शनिवार की रात कोतवाली क्षेत्र के बड़ागांव पुलिया के समीप दो बाइक सवार चार बदमाशों ने युवक को असलहे से आतंकित करते हुए उसकी बाइक, मोबाइल व छह हजार नगदी लूटकर फरार हो गए। आरोप है कि पीड़ित सरपतहां थाना क्षेत्र के जहीरुद्दीनपुर गांव निवासी जोगिंदर पुत्र नंदलाल पर पुलिस ने दबाव बनाकर तहरीर ही बदलवा दी। ऐसा ही एक और मामला बीते 10 जनवरी का था। जिसमें वेस्टर्न यूनियन संचालक एराकियाना मोहल्ला निवासी अरशद अंसारी से इमरानगंज बाजार के समीप साढ़े सात लाख रुपये की लूट हुई। जिसमें उसे यातनाएं दी गई। वहीं 12 फरवरी को मजडीहां गांव के समीप आटो पर सवार होकर खेतासराय से शाहगंज आ रही महिला इरफाना को बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। जिसमें लाख कोशिशों के बाद भी पुलिस हत्यारों का पता नहीं लगा सकी। एसपी सिटी डा. अनिल पांडेय का कहना है कि शीघ्र ही घटनाओं का वर्कआउट कर लिया जाएगा।