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युवक कांग्रेस ने युवकों को बाटा प्लास्टिक की पिस्टल

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जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ युवक कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं ने नुक्कड़ नाटक करके विरोध प्रदर्शित किया। ओलंदगंज स्थित मच्छरहट्टा में दोपहर में नाटक में प्लास्टिक की पिस्टल बांट कहा कि हम कुलपति की प्रेरणा से अपराधी बनेंगे। कुलपति ने गाजीपुर के एक महाविद्यालय में छात्रों से कहा था कि रोते हुए मेरे पास मत आना, हत्या करके आओगे तो मैं देख लूंगा।
नाटक में कुलपति को छात्रों में पिस्टल बांटते हुए दिखाया गया। ‘कुलपति के आदेश पर हम बनेंगे हत्यारे’, ‘वीसी साहब हथियार दीजिए हमें हक के लिए मर्डर करना है’ आदि संवादों के जरिए लोगों कुलपति के उस बयान पर तंज किया जो उन्होंने गाजीपुर के एक महाविद्यालय में दिया था। उधर, शिया कालेज में कुलपति के पक्ष में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। यूथ कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष अतुल सिंह ने कहा कि जिस तरह से पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति नौजवानों को अपराध के दलदल में कूदने की प्रेरणा दे रहे हैं, उससे युवा आहत हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने कहा कि अब तक इस गलती के लिए खेद तक नहीं जताया। 12 जनवरी को दो लाख युवाओं को कुलपति विश्वविद्यालय में बुला रहे हैं। कहीं ऐसा न हो उन्हें अपराध की राह वह दिखाएं। प्रशासन को ऐसे आयोजन पर रोक लगानी चाहिए। अध्यक्ष सत्यवीर सिंह के कहा कि जब तक पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति को बर्खास्त नहीं कर दिया जाता हम युवा कांग्रेसी लगातार प्रदर्शन करते रहेंगे। बदलापुर विधानसभा अध्यक्ष विवेक यादव जमंगल यादव मोहम्मद साजिद मानूं नवनीत सिंह विशाल खत्री चंद्रकेश प्रजापति अमन अग्रहरी शिवम सिंह आलोक चौहान सत्यव्रत मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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अधिवक्ता ने कुलपति पर दर्ज कराया परिवाद

जौनपुर। छात्रों को हत्या के लिए उकसाने वाला पूविवि के कुलपति के गाजीपुर में दिए गए वक्तव्य के आरोप में अधिवक्ता विकास तिवारी ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति राजाराम यादव के खिलाफ सीजेएम राहुल आनंद की कोर्ट में परिवाद दाखिल किया। कोर्ट में बहस हुई। कुछ बिंदुओं पर बहस के लिए मंगलवार को पत्रावली पुन:पेश होगी।
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अधिवक्ता विकास तिवारी ने कोर्ट में परिवाद पत्र दाखिल कर आरोप लगाया है कि 28 दिसंबर 18 को गाजीपुर में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने छात्रों को संबोधन में वक्तव्य दिया कि अगर पूर्वांचल विश्वविद्यालय के छात्र हो तो कभी मेरे पास रोते हुए मत आना। किसी से झगड़ा हो तो उसकी पिटाई करके आना। बस चले तो मर्डर करके आना। उसके बाद हम देख लेंगे। परिवादी के अलावा इस वक्तव्य को पंकज सोनकर, आशीष शुक्ला, आलोक राय आदि बहुत से लोगों ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर 30 दिसंबर 2018 को देखा। जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई। परिवादी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि कुलपति ने उच्च व जिम्मेदार पद पर होते हुए कानून के निदेशों की अवहेलना कर वक्तव्य दिये। जिससे छात्रों में उत्तेजना, उन्माद को बढ़ावा मिला। कुलपति ने भारत की एकता व अखंडता को तोड़ने का प्रयास किया एवं राजद्रोह का अपराध किया। छात्रों को हत्या के लिए उकसाया जिससे लोक शांति भंग होने की संभावना पैदा हुई। कथन के समर्थन में अरुण जेटली बनाम स्टेट ऑफ यूपी की हाईकोर्ट की रूलिंग का हवाला दिया गया। विभिन्न अखबारों की कटिंग सबूत के तौर पर दाखिल की गई। परिवादी ने आरोपी कुलपति को तलब कर दंडित करने की कोर्ट से मांग किया है।
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