अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट उमेश कुमार द्वितीय ने सुजानगंज में पांच वर्ष पूर्व साढ़े चार वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी लल्ले उर्फ सूरज विश्वकर्मा को 20 वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
पीड़िता की मां ने नौ दिसंबर 2019 को थाना सुजानगंज में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि आठ दिसंबर 2019 को रात आठ बजे उसकी साढ़े चार साल की बेटी ने रोते हुए बताया कि सूरज विश्वकर्मा ने उसके साथ गलत काम किया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल जांच और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराया। पुलिस ने विवेचना कर आरोपी के खिलाफ 25 दिसंबर 2019 को कोर्ट में केस डायरी दाखिल की।
17 नवंबर 2022 को आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कोर्ट ने आरोप बनाया। सरकारी वकील राजेश उपाध्याय और कमलेश राय ने कोर्ट में गवाहों को पेश किया। पीड़िता और उसकी मां कोर्ट में घटना से मुकर गए। पक्षद्रोही घोषित किए गए। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के भ्रामक बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषी सूरज को बीस वर्ष की सजा सुनाई।