जौनपुर। मंगलवार को सुबह ही मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में बादल छा गए और पूरब से चली तेज हवाओं के चलते आकाश का असर भी बढ़ गया। दोपहर में करीब तीन बजे जिले के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। किसानों का मानना है कि इस बार ठंड कम पड़ रही है, जिससे गेहूं की फसल ठीक नहीं है। बारिश हुई तो एक तो फसल की मुफ्त में सिंचाई हो जाएगी और ठंड बढने से गेहूं की फसल भी अच्छी होगी। अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
सुबह सूर्योदय से पहले ही आसमान में बादल दिखने लगे थे। बादलों के बीच पूरब की दिशा से 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा के बीच गलन बढ़ गई। हालांकि दिन में 9 बजे के बाद कुछ देर के लिए बाद छंट गए और धूप निकल आई। हवा की रफ्तार भी घटकर आठ किलोमीटर प्रतिघंटा हो गई। लेकिन तीन बजे के बाद अचानक आसमान में घने बादल छा गए। कई इलाकों में बारिश के छींटे पड़े। दोपहर में मौसम में जो नमी 42 फीसदी थी वह शाम को बढ़कर 62 फीसदी हो गई। बक्शा के प्रगतिशील किसान रामराज विश्वकर्मा कहते हैं कि इस बार पिछले सालों के मुकाबले ठंड कम पड़ी। जिससे गेहूं की फसल का विकास थम गया है। अगर बारिश हुई तो एक तो मुफ्त में फसलों की सिंचाई हो जाएगी। करंजाकला के भटेवरा गांव के किसान फूलचंद्र यादव कहते हैं कि इधर बीच तापमान बढ़ रहा है. जिससे ठंड का असर कम होने के चलते खासतौर से गेहूं की फसल के लिए ठीक नहीं है। बारिश बहुत जरूरी है।