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गोशाला में भूख से मर रही गायें, नहीं हो रहा चारे का इंतजाम

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जौनपुर। छुट्टा मवेशियों से किसानों को निजात दिलाने के लिए जिले में बनाए गए पशु आश्रय स्थलों में चारा-पानी और इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। यही नहीं, इनमें क्षमता से कई गुना ज्यादा मवेशी ठूस दिए गए हैं। इस बदइंतजामी और भूख-प्यास के कारण मवेशी दम तोड़ रहे हैं। मड़ियाहूं की गोपाल गोशाला में शनिवार को भी दो गायों की मौत हो गई। इस गोशाला में जनवरी से अब तक 110 से अधिक गोवशों की मौत हो चुकी है। मछलीशहर के सराययुसूफ और करंजाकला ब्लाक के प्यारेपुर गांव में स्थापित पशु आश्रय स्थल में भी हालात बदतर हैं। छुट्टा पशुओं की बढ़ती तादाद और खेती को हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए जिले 20 पशु आश्रय बनाए गए हैं। इनमें कुल 1810 पशु रखे गए हैं। इन गोशालाओं में रखे गए मवेशियों के लिए चारे-पानी के इंतजाम नहीं किए गए। मड़ियाहूं की गोपाल गोशाला में इस समय 136 गोवंश हैं। भूख-प्यास और बदइंतजामी के चलते इस गोशाला में 14 जनवरी से अब तक 110 गोवंशों की मौत हो चुकी है। शनिवार को भी दो गायों की मौत हो गई। इसके अलावा कई मवेशियों की हालत गंभीर है। यहां इलाज की भी कोई व्यवस्था नहीं है। नगर पंचायत प्रशासन गोशाला को निजी संस्था के हाथों में होने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। अब गो सेवक रमेश चंद केसरी की भी हिम्मत जवाब दे रही है। उनका कहना है कि दो दिनों से गोवंश भूखे हैं। चारा खत्म हो गया है और गांव के लोग भी अब कोई देने को तैयार नहीं है। मछलीशहर प्रतिनिधि के अनुसार सराययुसुफ गांव में स्थित बाबा अयोध्यादास गोशाला में बनाए गए पशु आश्रय स्थल में 70 गोवंश रखे गए हैं। चारे के अभाव में यहां भी पशुओं को भूखा रहना पड़ रहा है। गांव निवासी बाबा रमेश दास ग्राम प्रधान व ग्रामीणों के सहयोग से पुआल की व्यवस्था कर रहे थे लेकिन अब पुआल मिलना भी बंद हो गया है। प्रशासन से कोई मदद नहीं मिल रही। आश्रय स्थल में मवेशियों की देखभाल के लिये गांव के हरिशंकर यादव, पारस नाथ यादव, बाबा गोपाल दास की तैनाती यह कह कर की गई थी कि उन्हें पांच हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा लेकिन अभी तक किसी को एक रुपये भी नहीं मिला। कमोबेश यही स्थिति कान्हा आश्रय स्थल प्यारेपुर की भी है।
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