जौनपुर। प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के तहत लाभार्थियों के चयन के लिए सर्वे कार्य की तिथि 14 जनवरी तक फेज-2 में एक लाख 63 हजार 280 लाभार्थियों का सर्वे हो चुका है। इसमें 69 हजार 383 लोगों ने सर्वे अभियान में आवेदन किया है। सत्यापन प्रक्रिया के बाद लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। योजना के तहत बेघर लोगों को आवास निर्माण के लिए तीन किस्तों में एक लाख 20 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। छप्पर, झोपड़ी व कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को लाभान्वित किया जाता है। योजना के पहले चरण में अधिसंख्य लाभार्थियों के चयन में मनमानी की शिकायतें मिली थीं। इससे बड़ी संख्या में पात्र लोगों को आवास नहीं मिल सका था। इन सब शिकायतों को देखते हुए योजना के फेज-2 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। लाभार्थियों के सर्वे में एआई तकनीक को शामिल करने के साथ ही लोगों को खुद से सर्वे करने का विकल्प दिया गया है। कोई भी घर बैठे एंड्रायड मोबाइल के माध्यम से खुद को पात्र बताते हुए आवेदन कर सकता है। इस व्यवस्था के लागू होने से मनमानी पर रोक लग सकेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाभार्थियों के चयन के लिए सर्वे की तिथि 14 जनवरी तक एक लाख 63 हजार 280 लाभार्थियों का सर्वे हो चुका है। इसमें टीम ने 93 हजार 897 लाभार्थियों का सर्वे किया है, जबकि 69 हजार 383 लाभार्थियों ने खुद ही सर्वे अभियान में शामिल होकर ऑनलाइन आवेदन किए हैं। सर्वे में मिले लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू है। इनकी रिपोर्ट के बाद पात्रों का चयन किया जाएगा। उसके बाद पांच वर्ष के लिए पात्रों की सूची तैयार की जाएगी, जिसके बाद वर्षवार आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया जाएगा। आवास के सर्वे में इस बार अधिकारी को मौके की फोटो लाभार्थी के साथ पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। उनके आधार कार्ड के साथ ही ई-केवाइसी भी की जा रही है। ऐसे में पात्रों के चयन में गडबड़ी की आशंका न के बराबर होगी।