बदलापुर। नगर पंचायत बदलापुर में टीएसी पेयजल योजना समय से पूरी हो सकेगी, इस पर सवाल उठने लगे हैं। कभी बजट की कमी तो कभी भूमि विवाद के चलते काम में रोड़ा अटक रहा है। दो साल में 50 फीसदी भी काम पूरा नहीं हो सका है। लापरवाही के चलते नगर पंचायत क्षेत्र में पेयजल समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। बदलापुर नगर पंचायत बनने के बाद टीएसी पेयजल योजना के तहत 15 वार्डों में जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 10 करोड़ 24 लाख की लागत से दो ओवरहेड टैंक, 62 किमी पाइप लाइन बिछाने, दो स्टाफ बनाने और पांच ट्यूबेल लगाने का काम होना है। वर्ष 2017 में इसका काम शुरू हुआ था। टाउन को दो भाग में बांटकर सरोखनपुर व भलुआहीं में ओवरहेड टैंक के लिए जमीन अधिग्रहीत की गई और तेज गति से काम शुरू हुआ। सरोखनपुर में ओवरहेड टैंक सहित एक ट्यूबेल और स्टाफ रूम बन कर तैयार हो गया। इसके बाद शासन से धन आवंटित नहीं होने से काम ठप हो गया। जिससे भलुआहीं में बनने वाली परियोजना पर ग्रहण लग गया। जब धन भी आया तो वह जमीन ही विवादित हो गई। अब जाकर भूमि विवाद भी सुलझ गया। इसके बाद भी अब काम शुरू नहीं हुआ। अब तक महज 34 किमी पाइप बिछाई जा सकी है और पांच ट्यूबेल में से महज दो लग सके हैं तो तीन के लिए जमीन तलाशी जा रही है। ऐसी दशा में काम बेहद धीमी गति से होने के कारण परियोजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। चार गांवों में पाइप लाइन का काम जल निगम के अवर अभियंता पीके सिंह ने बताया कि नगर पंचायत में शामिल गांवों सरोखनपुर, भलुआहीं, बरौली व सुल्तानपुर में पानी सप्लाई के लिए पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। जिसमें से सुल्तानपुर को छोड़कर नगर पंचायत चाहे तो हाउस कनेक्शन देकर पानी सप्लाई दे सकता है। हालांकि सरोखनपुर में बने ओवर हेड टैंक से चंदन शहीद मार्ग तक पानी की आपूर्ति कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना 10 करोड़ 24 लाख रुपये की है। इसके लिए अब तक लगभग सात करोड़ रुपये मिले हैं। बीच में धन न मिलने से काम ठप हो गया था। वहीं, भूमि विवाद भी काम में रोड़ा बना रहा। अब बजट मिलने के साथ ही विवाद भी सुलझ गया है, जिससे तेज गति से काम कराया जा रहा है।