जौनपुर। बहुजन समाज पार्टी छोड़कर आए बीपी सरोज पर भाजपा ने मछलीशहर से दांव लगाया है। मौजूदा सांसद रामचरित्र निषाद की रिपोर्ट खराब होेने के कारण पार्टी ने उनका टिकट बदल दिया है। बीपी (भोला प्रसाद) सरोज वर्ष 2014 में बसपा के टिकट से चुनाव लड़े थे और दो लाख 66 हजार वोट उन्हें मिले थे।
मुंगराबादशाहपुर के मादरडीह निवासी बीपी सरोज उद्यमी हैं। महाराष्ट्र और सतहरिया में उनके प्रतिष्ठान हैं। वर्ष 2008 में बसपा ने उनको महाराष्ट्र का महासचिव बनाया था। वह मछलीशहर क्षेत्र की राजनीति में वर्ष 2012 से सक्रिय हो गए थे और न बसपा ने 2014 में मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित किया। चुनाव में भाजपा के रामचरित्र निषाद चार लाख 38 हजार 210 मत पाकर चुनाव जीते और बीपी सरोज को दो लाख 66 हजार 55 वोट मिले। तीन बार सांसद रहे सपा के तूफानी सरोज तीसरे स्थान पर रहे थे। वर्तमान सांसद रामचरित्र निषाद को पूरा भरोसा था कि पार्टी उन्हें टिकट देगी। इसी भरोसे के चलते उनके चार प्रचार वाहन क्षेत्र में लगातार घूम रहे हैं। मगर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उनके बजाय बीपी सरोज पर दांव लगाया है। सपा-बसपा गठबंधन में यह सीट बसपा के खाते में है। बहुजन पार्टी ने पूर्व विधायक टी राम को प्रभारी बनाया है। बीपी सरोज के मैदान में आने से यहां का मुकाबला रोचक हो गया है।
बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने पहुंचे
मछलीशहर। टिकट मिलने के बाद भाजपा प्रत्याशी बीपी सरोज बुधवार को वाराणसी पहुंचे और बाबा विश्वनाथ के मंदिर में दर्शन किया। बसपा ने 24 मार्च को अपना प्रत्याशी टी राम को प्रभारी घोषित किया तभी से भाजपा प्रत्याशी को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। ऐन वक्त पर भाजपा ने बीपी सरोज को प्रत्याशी घोषित कर दिया। टिकट मिलने के बाद सरोज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीतियों व उनके विकास कार्यों के बल पर वे जनता का समर्थन हासिल करेंगे।