केराकत। नारी का अपमान करने वाला कभी सुखी नहीं रह सकता, जहां नारी का सम्मान नहीं होता वहां देवता भी वास नहीं करते हैं। उक्त बातें अलीगढ़ से पधारे वैदिक विद्वान केवलानंद सरस्वती ने रविवार को आर्य समाज केराकत में आयोजित आर्य समाज के 96वें वार्षिकोत्सव के समापन समारोह में कही।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी मां के कर्ज से अदा नहीं हो सकता। भारतीय संस्कृति हमारी नष्ट होती जा रही है। उसको बचाने के लिए नारी को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि वैदिक संस्कृति से ही विश्व का कल्याण किया जा सकता है। गुरुकुल शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि आज जरूरत है कि गुरुकुल शिक्षा से ही बच्चे को देश का अच्छा नागरिक बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में शिवपाल आर्य एटा ने भजन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में दयानंद बाल पूर्व माध्यमिक विद्यालय के छात्र -छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वीरेंद्र कुमार आर्य व संचालन प्रधानाध्यापक बलराज आर्य ने किया। इस अवसर पर ज्ञान प्रकाश आर्य, आनंद आर्य, गिरीश आर्य, राजकमल आर्य एवं राजेश कुमार आर्य आदि उपस्थित रहे।