जौनपुर। किसान पारदर्शी पोर्टल पर छूटे 207 राजस्व गावों का नाम बुधवार को कृषि विभाग द्वारा आनन फानन में पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया। साथ ही लेखपालों को सर्वे करने के लिए इन गावों की सूची भी दे दी गई है। जिससे इन गावों के किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल सके। छूटे गावों का नाम पोर्टल पर चढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उप कृषि निदेशक के लागिन पर विकल्प दिया गया था। जिसके सहारे छूटे गावों का नाम उक्त पोर्टल पर फीड किया गया है।
बता दें कि जिले में कुल छह लाख 55 हजार किसान हैं। जिसमें से दो हेक्टेयर तक जोत करने वाले कुल छह लाख 36 हजार 852 किसान हैं। इन किसनों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिलना है। इसके लिए किसान पारदर्शी पोर्टल पर स्थित ग्रामवार किसानों की सूची निकाली गई। जिसका सत्यापन करने के लिए लेखपालों को दिया गया । साथ ही जिन किसानों का सत्यापन हो जा रहा है। उनके नामों की फीडिंग भी की जा रही है। इसके लिए बकायदा तहसील मुख्यालयों सहित एनआईसी व कृषि विभाग में किसानों के नामों को फीड करने की व्यवस्था की गई है। लेकिन सोमवार को किसान पारदर्शी पोर्टल पर कई गावों का नाम अंकित नहीं होने की जानकारी मिली। जिसके बाद डीएम के निर्देश पर उप कृषि निदेशक ने सभी एसडीएम से जांच कर पोर्टल पर अंकित नहीं रहने वाले गावों की सूची मांगी। इस दौरान जिले के क़ुल 3317 राजस्व गावों के सापेक्ष कुल 207 राजस्व गावों का नाम उक्त पोर्टल पर नहीं पाया गया। इसके बाद कृषि विभाग ने उक्त गावों के नामों की सूची मंगलवार को शासन को भेजी। जिससे मैपिंग कर पोर्टल पर इन गावों का नाम फीड हो सके। उधर प्रदेश सरकार ने उप कृषि निदेशक जौनपुर के लागिन पर छूटे गावों के फीड करने विकल्प उपलब्ध कराते हुए छूटे गावों का नाम पोर्टल पर फीड करने का निर्देश दिया। इसके बाद कृषि विभाग द्वारा आनन फानन में बुधवार को छूटे गावों का नाम किसान पारदर्शी पोर्टल पर फीड कर दिया गया।
छूटे 207 राजस्व गावों का नाम किसान पोर्टल पर दर्ज करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उप कृषि निदेशक जौनपुर के लागिन पर विकल्प दिया गया। जिसके बाद इस विकल्प के माध्यम से किसान पोर्टल पर छूटे राजस्व गावों का नाम बुधवार को मैपिंग कर चढ़ा दिया गया । सर्वे के लिए इन गावों की सूची लेखपालों को दे दी गई है।
जयप्रकाश
उप कृषि निदेशक