जौनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की 23 जून को समीक्षा की सूचना के बाद पशु आश्रय स्थलों दिन बहुरने लगे हैं। कल तक यहां बदइंतजामी के चलते पशुओं की मौत हो रही थी लेकिन शुक्रवार को जिले के 19 अस्थाई पशु आश्रय स्थलों की दशा सुधारी जाने लगी। गेट की रंगाई-पुताई शुरू हुई तो कहीं टीनशेड, चारा, नाद व पानी की व्यवस्था दुरुस्त की जाने लगी।
छुट्टा पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूटने लगा तो फरवरी माह में फरवरी माह में सरकार ने पशु आश्रय स्थल बनवाने को कहा था। इन पशु आश्रयों के लिए पशुपालन विभाग को दो करोड़ धनराशि आवंटित कर दी। जिले आनन-फानन में 19 अस्थाई पशु आश्रय स्थल बना दिए गए। मगर इनमें पशुओं के देखभाल का उचित बंदोबस्त नह िंकिया गया था। कई जगह छाया के लिए टीन शेड तक नहीं डाला गया था। नाद व पीने तक की व्यवस्था नहीं की गई थी। पशुओं आश्रयों में पशुओं का लाकर रखा जाने लगा। पशुपालन विभाग ने चार माह 21 दिन में 57 लाख रुपये पशुओं के चारे पर खर्च किए लेकिन तमाम पशुओं की देखभाल के अभाव में मौत हो गई। मुख्यमंत्री के आगमन और समीक्षा की सूचना मिलने के बाद विभाग सक्रिय हुआ। कृषि भवन स्थित पशु आश्रय में गेट की रंगाई व सीसी कैमरा, चरनी, छाया, पानी व बिजली की व्यवस्था की जाने लगी।
ग्रामीण अंचल में बदतर हैं हालात
जौनपुर। ग्रामीण अंचल में पशु आश्रम गृहों के हालात काफी खराब है। बिजली, पानी, चारे का समुचित इंतजाम नहीं है। मुंगराबादशाहपुर के उकनी पशु आश्रय स्थल में कुल 73 पशु हैं। वहां पानी और चारा रखने की जगह नहीं थी। मड़ियाहूं के गोपाल गौशाला में 30 पशु हैं। वहां भी टिन शेड तक नहीं है। धर्मापुर ब्लाक के इमलो पांडेयपट्टी गांव के सरस हाट में बने गोशाला में 47 पशु है। छाया व बिजली की व्यवस्था नहीं है। सुजानगंज में बांस के बाड़े में पशुओं को बंद किया गया है। खेतासराय क्षेत्र के शाहापुर में पशु आश्रय स्थल अधूरा है । नाद और गेट की व्यवस्था हुई है लेकिन पानी का इंतजाम नहीं है। शाहगंज के सिधाईं गांव में निर्मित सरस हाट में बने पशु आश्रय में नाद, हैंडपंप व पानी की टंकी बना दी गई है लेकिन पशु नहीं हैं। मछलीशहर के सराय युसुफ गांव में बाबा अयोध्या दास की गोशाला भी पानी व बिजली आदि की सुविधा नहीं है। निजामुद्दीनपुर गांव में गोशाला निर्माणाधीन है। बदलापुर के मुरादपुर गांव में बने गो सेवा आश्रय में 113 पशु हैं लेकिन सब धूप में रहते हैं। मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना के बाद यहां भी हड़कंप मचा हुआ है।
सुविधाओं के अभाव में रोज मर रहे पशु
जौनपुर। अस्थाई बनाए गए पशु आश्रयों में सुविधाओं के अभाव में रोज पशु दम तोड़ रहे हैं। कृषि भवन परिसर स्थित पशु आश्रय में जून माह में अब तक 11 पशु मर चुके हैं। वहीं मड़ियाहूं ब्लाक में बने पशु आश्रय में शुरु से लेकर अब तक 200 से अधिक पशु मर चुके हैं। पशुओं के मरने का यह हाल लगभग जिले में बने सभी पशु आश्रय में हैं।
जिन अस्थाई पशु आश्रयों में पशुओं के लिए चरनी, छाया, पानी व बिजली आदि की पर्याप्त सुविधा नहीं है। वहां सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। शीघ्र ही पशु आश्रयों में मुकम्मल सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी।
डा.वीरेंद्र सिंह
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी