गौराबादशाहपुर। धर्मापुर विकास खण्ड के कुरेथू गांव में विवाद के चलते चकबंदी फिर रुक गई है। किसानों के एक गुट ने चकबंदी का विरोध किया तो दूसरा पक्ष चकबंदी शुरू कराने की मांग करने लगा। इससे गांव में तनाव पैदा हो गया था। शुक्रवार को चकबंदी करने गए अधिकारियों किसानों और सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने घेर लिया। लिहाजा टीम को लौट जाना पड़ा। पुलिस और पीएससी की मौजूदगी के बावजूद चकबंदी का काम नहीं शुरू हो पाया।
अधिकारियों ने गांव में दोनों पक्षों के साथ बैठक की और किसानों को आश्वासन दिया की किसी भी किसान का अहित नहीं होगा। प्रक्रिया में किसी प्रकार की धांधली नहीं की जाएगी। वर्ष 2018 जून माह में गांव में कब्जा परिवर्तन का कार्य शुरू किया गया, जिसका 170 किसानों ने विरोध किया। किसानों का आरोप है की गांव के कुछ लोगों के इशारे पर चकबंदी विभाग ने कटौती की सभी जमीन का लाभ कुछ गिने चुने लोगों को दिया है। गांव में चकबंदी प्रक्रिया में धांधली की जा रही है। कुरेथू गांव की 90 खेती नहर पर आश्रित है। जबकि बिभाग द्वारा सिंचाई हेतु कोई नाली नहीं दी गयी। जबरन कब्जा परिवर्तन करवाया जा रहा है। जिसका ग्रामीणों ने जम कर विरोध किया। ग्राम प्रधान राजदेव, चकबंदी सीओ किर्तापुर अलोक त्रिपाठी, रामतिलक सीओ शाहगंज, थाना निरीक्षक गौराबादशाहपुर बिजय कुमार चौरसिया के नेतृत्व में घंटो चली मीटिंग में समक्ष अधिकारियों ने हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र लिया और आश्वाशन दिया की किसानोम की सभी समस्या के निराकरण के उपरांत ही कब्जा परिवर्तन का कार्य किया जायेगा। दूसरे पक्ष गांव में चकबन्दी कराने हेतु कोर्ट का आदेश कराया लिया है। इस अवसर उमा सिंह, उर्मिला देवी, निशा सिंह, सबिता, संता देवी, सुमन देवी, गीता देवी, शीला देवी, प्रभावती, गामा यादव, मनोज सिंह, लाले यादव, प्रकाश यादव, लालबहादुर, समर बहादुर, ओम प्रकाश सिंह, चंद्रभूषण सिंह, रोहित सिंह आदि किसान मौजूद।